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​​​​​पुराने रिश्ते में आई दरार, नए साथी से बढ़ी नजदीकी और फिर पार्क में मिला खून से लथपथ शव​​​​

​​​​​पुराने रिश्ते में आई दरार, नए साथी से बढ़ी नजदीकी और फिर पार्क में मिला खून से लथपथ शव​​​​

जबलपुर में एक युवक की हत्या की खबर ने पुलिस को उलझा दिया था। सुनसान रास्ते पर उसका शव पड़ा था और पास में खून से सने भारी पत्थर मिले थे। शुरुआत में पुलिस को लगा कि शराब पीने के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया होगा। लेकिन जैसे-जैसे मृतक की पहचान हुई और उसके करीबियों से पूछताछ आगे बढ़ी, मामला एक पुराने रिश्ते, बदलती नजदीकियों और आपसी तनाव तक पहुंच गया। जांच में सामने आई कहानी ने इस हत्याकांड को एक अलग ही मोड़ दे दिया।

सुबह पार्क के पास मिला शव

घटना जबलपुर के रांझी इलाके की है। 29 जनवरी की सुबह रामनगर पार्क के नजदीक कच्चे रास्ते पर एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे और पास में दो भारी पत्थर पड़े थे, जिन पर खून लगा हुआ था।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। आसपास कुछ डिस्पोजल गिलास, पानी की बोतल और सिगरेट का पैकेट मिलने से पुलिस ने घटनास्थल पर लोगों के मौजूद होने की संभावना पर भी जांच की।

मृतक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी। पुलिस ने उसकी तस्वीर के जरिए पहचान कराने की कोशिश की और आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू की।

लावारिस बाइक ने पुलिस को पहुंचाया मृतक के परिवार तक

जांच के दौरान महालक्ष्मी मंदिर के पास खड़ी एक लावारिस मोटरसाइकिल पुलिस के संदेह के घेरे में आई। वाहन के पंजीकरण विवरण के आधार पर पुलिस उसकी मालकिन तक पहुंची। महिला ने शव की पहचान अपने 30 वर्षीय भाई राकेश के रूप में की।

परिवार के मुताबिक, राकेश 28 जनवरी की शाम घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद पुलिस ने उसके परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।

जांच में पता चला कि घटना वाली शाम राकेश को विजय और आनंद के साथ देखा गया था। यह जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। इसके बाद दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

तीन लोगों के रिश्ते में बढ़ने लगा था तनाव

पुलिस की जांच के अनुसार, विजय और राकेश एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। विजय, राकेश से उम्र में काफी बड़ा था और दोनों के बीच वर्षों से करीबी संबंध थे। समय के साथ राकेश का जीवन भी विजय के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि बाद में विजय की नजदीकियां आनंद नाम के एक अन्य युवक से बढ़ गई थीं। इससे राकेश नाराज रहने लगा था। वह विजय के नए संबंध को लेकर आपत्ति जताता था और दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा था।

पुलिस के मुताबिक, विजय ने आनंद को बताया था कि राकेश उसे परेशान करता है और निजी सामग्री सार्वजनिक करने की धमकी देता है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए जांच की गई और उपलब्ध जानकारी के अनुसार राकेश के मोबाइल में ऐसा कोई आपत्तिजनक रिकॉर्ड नहीं मिला था।

यही तनाव आगे चलकर हत्या की साजिश का कारण बना या नहीं, इस संबंध में पुलिस ने आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की।

शराब पीने के बहाने बुलाया, फिर कर दिया हमला

पुलिस पूछताछ में सामने आई कहानी के मुताबिक, 28 जनवरी को विजय और आनंद ने राकेश को फोन करके शारदा पार्क के पास बुलाया था। वहां तीनों ने साथ बैठकर शराब पी।

आरोप है कि जब राकेश की स्थिति कमजोर हो गई, तो विजय और आनंद ने भारी पत्थरों से उसके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

इसके बाद आरोपी कथित तौर पर राकेश का पर्स, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल लेकर वहां से चले गए। बाद में मोटरसाइकिल को महालक्ष्मी मंदिर के पास खड़ा कर दिया गया। इसी वाहन के जरिए पुलिस को मृतक की पहचान करने और जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

पूछताछ में बयानों का अंतर बना अहम कड़ी

पुलिस ने विजय और आनंद से अलग-अलग पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, घटना वाली शाम के बारे में दोनों के बयानों में अंतर मिला। इसके बाद उनसे विस्तार से पूछताछ की गई और हत्या में उनकी कथित भूमिका की जांच की गई।

पुलिस ने दोनों को मामले में आरोपी बनाया। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुराने संबंधों में तनाव और राकेश को लेकर विजय तथा आनंद के बीच बनी योजना की बात सामने आई।

हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में आरोपियों के बयानों के साथ अन्य साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया का महत्व बना रहता है। इस मामले में भी जांच का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्थापित करना था।

एक हत्या ने कई सवाल छोड़ दिए

राकेश की हत्या के मामले ने यह दिखाया कि निजी संबंधों में बढ़ता विवाद किस तरह गंभीर हिंसा का रूप ले सकता है। लेकिन इस घटना को किसी की लैंगिक पहचान से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। अपराध की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति के कथित कृत्य और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होती है, न कि उसकी यौन अभिरुचि के आधार पर।

इस मामले में पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र राकेश की हत्या, आरोपियों के बीच संबंधों में पैदा हुआ तनाव और वारदात को अंजाम देने की कथित योजना थी। सुनसान रास्ते पर मिले शव से शुरू हुई जांच आखिरकार मृतक के परिचितों तक पहुंची और एक लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के विवाद को सामने ले आई।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख पहले प्रकाशित सत्यकथा पर आधारित पुनर्लेखन है। घटना और पुलिस जांच से संबंधित विवरण उपलब्ध प्रकाशित सामग्री के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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