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संतान प्राप्ति का झांसा देकर महिलाओं के शोषण का आरोप, वृंदावन में साधु की पिटाई के बाद मचा हंगामा..

संतान प्राप्ति का झांसा देकर महिलाओं के शोषण का आरोप, वृंदावन में साधु की पिटाई के बाद मचा हंगामा..

वृंदावन में एक साधु को लेकर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब उस पर महिलाओं को कथित तौर पर संतान प्राप्ति का झांसा देकर शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए गए। आनंद वाटिका इलाके में सोमवार देर रात साधु के वेश में मौजूद एक व्यक्ति के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

मामले के सामने आने के बाद एक साध्वी ने उक्त व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए पुष्टि होना अभी बाकी है।

साधु के वेश में पहुंचा था व्यक्ति

बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात आनंद वाटिका इलाके में एक व्यक्ति साधु के वेश में मौजूद था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।

केशव धाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को वहां से हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

साध्वी ने लगाए गंभीर आरोप

मामले में साध्वी सपना उपाध्याय ने आरोप लगाया कि साधु के वेश में मौजूद व्यक्ति खुद को जूना अखाड़े से जुड़ा बताता था। साध्वी का दावा है कि उसका नाम हिम्मत गिरी गुरुदेव बताया जाता था, जबकि उसका वास्तविक नाम हेमंत राज मीणा है और वह राजस्थान के सवाई माधोपुर का रहने वाला है।

साध्वी ने आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से संपर्क करता था और बाद में उन्हें अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। उसके खिलाफ मानसिक और शारीरिक शोषण के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

संतान प्राप्ति के नाम पर महिलाओं को फंसाने का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि कथित तौर पर निःसंतान महिलाओं को संतान प्राप्ति से जुड़े मंत्र और धार्मिक उपायों का भरोसा दिलाकर उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था।

सोशल मीडिया पर सामने आए दावों में यह भी कहा जा रहा है कि बड़ी संख्या में महिलाएं उसके संपर्क में आई थीं। कुछ दावों में यह संख्या 100 से अधिक बताई गई है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ कथित घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

यह भी आरोप लगाया गया है कि महिलाओं से मुलाकात के दौरान उनकी जानकारी के बिना आपत्तिजनक सामग्री रिकॉर्ड की जाती थी और बाद में उसे कथित तौर पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगा सच

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब साधु पर लगाए गए आरोपों, उसके संपर्क में आए लोगों और सोशल मीडिया पर सामने आ रही जानकारी की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों को जांच का विषय माना जा रहा है। पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई बनती है।

वृंदावन जैसे धार्मिक शहर में सामने आए इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा पैदा कर दी है। पुलिस का फोकस अब घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने और आरोपों की पुष्टि करने पर है।

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