कैलिफोर्निया के प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सेठी ने पेट की गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग कंट्रोल करने के लिए 4 ऐसे नेचुरल ड्रिंक्स सुझाए हैं जो न सिर्फ पाचन सुधारते हैं, बल्कि आपके गट माइक्रोबायोम (Gut Microbiome) को भी नया जीवन देते हैं।

गलत खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी और लगातार तनाव का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। ज्यादा ऑयली, मसालेदार और जंक फूड जैसे बर्गर, पिज्जा या तली-भुनी चीजें पाचन को सुस्त बना देती हैं, जिससे गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या बढ़ती है। भोजन के बाद तुरंत लेट जाना, धूम्रपान करना और बिना ठीक से चबाए खाना भी पेट की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। कई लोगों का पाचन इतना कमजोर होता है कि सादा खाना खाने के बाद भी पेट भारी और फूला हुआ लगता है, साथ ही कब्ज की शिकायत बनी रहती है। ऐसे लोग खाना हजम करने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं। अगर आप भी पाचन से जुड़ी इन समस्याओं से परेशान हैं तो आप किचन में मौजूद कुछ चीजों का सहारा लें। कुछ फूड्स ऐसे हैं जो पेट की गैस और ब्लोटिंग को कंट्रोल करते हैं और पाचन में सुधार करते हैं।
कैलिफोर्निया के प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने पेट की गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग कंट्रोल करने के लिए 4 ऐसे नेचुरल ड्रिंक्स सुझाए हैं जो न सिर्फ पाचन सुधारते हैं, बल्कि आपके गट माइक्रोबायोम (Gut Microbiome) को भी नया जीवन देते हैं। कुछ ड्रिंक ऐसे हैं जो आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और खराब बैक्टीरिया को कंट्रोल करते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे ड्रिंक हैं जिनका सेवन करने से पाचन दुरुस्त रहता है और गट हेल्थ में सुधार होता है।
केफिर (Kefir) आंतों के लिए नेचुरल वैक्सीन
डॉ. सेठी आंतों की सेहत के लिए केफिर को बेस्ट ड्रिंक मानते हैं। केफिर एक फर्मेंटेड डेयरी ड्रिंक है। Frontiers in Microbiology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार केफिर में दही के मुकाबले 3 गुना ज्यादा प्रोबायोटिक्स यानी गुड बैक्टीरिया होते हैं। ये ड्रिंक एंटीबायोटिक दवाओं के साइड इफेक्ट को खत्म करता हैं और आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बहाल करता है। यह लैक्टोज को पचाने में भी मदद करता है। गट माइक्रोबायोम के संतुलन को बनाए रखने में ये ड्रिंक अहम किरदार निभाता है। केफिर फर्मेंटेड दूध से बनाया जाता है जिसमें लाइव कल्चर मौजूद होता हैं जो पाचन में मदद करता हैं।
अदरक सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली औषधि भी है। Journal of Gastronomy and Food Science के मुताबिक अदरक में मौजूद जिंजरोल (Gingerol) पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और गैस्ट्रिक एम्टिंगको तेज करता है। अगर आपको खाना खाने के बाद भारीपन लगता है, तो अदरक की चाय भोजन को जल्दी नीचे खिसकाने में मदद करती है, जिससे गैस नहीं बनती।
पेपरमिंट टी ब्लोटिंग का इंस्टेंट इलाज
पेट में गैस और गुब्बारे जैसा भारीपन महसूस होने पर पेपरमिंट टी सबसे असरदार है। क्लिनिकल ट्रायल्स जैसे कि Digestive Diseases and Sciences में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक पेपरमिंट में मौजूद मेंथॉल इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) के लक्षणों को 50% तक कम कर सकता है। ये चाय पाचन तंत्र की मांसपेशियों को शांत करती है, जिससे पेट में फंसी हुई गैस आसानी से निकल जाती है और पेट को ठंडक मिलती है। .
नारियल पानी है इलेक्ट्रोलाइट्स का पावरहाउस
नारियल पानी एक बेस्ट ड्रिंक है जो बॉडी में इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखता है। दस्त, एसिडिटी या डिहाइड्रेशन के कारण बिगड़े पाचन के लिए नारियल पानी बेस्ट है। रिसर्च बताती हैं कि नारियल पानी में मौजूद पोटैशियम और सोडियम शरीर के pH लेवल को संतुलित करते हैं। ये एसिड रिफ्लक्स को शांत करता है और पाचन तंत्र से टॉक्सिन्स को फ्लश आउट करने में मदद करता है।
डॉक्टर की सलाह
डॉ. सेठी के अनुसार केवल अच्छा खाना काफी नहीं है। भोजन को बिना चबाए जल्दी-जल्दी खाना और खाने के तुरंत बाद लेट जाना, पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे लोअर एसोफैगल स्फिंक्टर ढीला हो जाता है और एसिडिटी क्रॉनिक बन जाती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



