
नई दिल्ली: दिल की सेहत केवल खानपान पर निर्भर नहीं करती, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतें भी इस पर गहरा असर डालती हैं। लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि से दूरी, धूम्रपान, पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकता है। अमेरिकन नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट के अनुसार, जीवनशैली से जुड़े कई जोखिम कारक दिल की बीमारियों की आशंका को प्रभावित करते हैं।
ऐसे में जरूरी है कि समय रहते अपनी आदतों में बदलाव किया जाए, ताकि दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सके।
1. शारीरिक गतिविधि से दूरी बनाना
अगर आप दिनभर बैठे रहते हैं और नियमित रूप से टहलने या व्यायाम करने के लिए समय नहीं निकालते, तो यह आदत दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती है। शारीरिक गतिविधि की कमी से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और खराब कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ सकता है। ये सभी हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारक हैं।
क्या करें: रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलें, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें।
2. शराब का अधिक सेवन करना
शराब का ज्यादा सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, अधिक शराब पीने से ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ने और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा भी हो सकता है।
क्या करें: शराब का सेवन न करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। अगर आप शराब पीते हैं, तो इसे कम करने या छोड़ने के लिए चिकित्सकीय सलाह ले सकते हैं।
3. पर्याप्त नींद नहीं लेना
रोजाना कम नींद लेना या सोने-जागने का समय अनियमित रखना शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। लंबे समय तक नींद की कमी हाई ब्लड प्रेशर, वजन बढ़ने और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है। ये समस्याएं आगे चलकर दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं।
क्या करें: रोजाना पर्याप्त नींद लें। वयस्कों के लिए आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है। सोने और जागने का समय नियमित रखने की कोशिश करें।
4. धूम्रपान और दूसरे के धुएं के संपर्क में रहना
सिगरेट पीने से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है और खून में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे दिल पर दबाव बढ़ता है और हार्ट अटैक तथा स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। केवल धूम्रपान करने वाले ही नहीं, बल्कि दूसरों की सिगरेट के धुएं के संपर्क में रहने वाले लोग भी जोखिम में रहते हैं।
क्या करें: धूम्रपान पूरी तरह छोड़ें और ऐसी जगहों से बचें जहां सिगरेट का धुआं मौजूद हो।
5. लगातार तनाव में रहना
लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन का स्तर प्रभावित हो सकता है। इससे ब्लड प्रेशर, नींद और खानपान की आदतों पर असर पड़ सकता है। कई बार तनाव के कारण लोग धूम्रपान, शराब या अस्वस्थ भोजन की ओर भी बढ़ने लगते हैं, जिससे हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।
क्या करें: नियमित शारीरिक गतिविधि करें, पर्याप्त नींद लें और अपने लिए आराम का समय निकालें। तनाव लगातार बना रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित हों, तो विशेषज्ञ से सलाह लें।
किन लोगों को दिल की सेहत को लेकर ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या मोटापे की समस्या है, उन्हें हृदय रोगों के जोखिम को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। परिवार में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास होने पर भी डॉक्टर से नियमित जांच और सलाह लेना जरूरी है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
- संतुलित भोजन करें और फल, सब्जियां व साबुत अनाज शामिल करें।
- नमक और ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
- नियमित रूप से व्यायाम या पैदल चलें।
- ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करें।
Satya Report नोट: दिल की बीमारियों का खतरा कई कारकों पर निर्भर करता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह नियमित जांच और जरूरी इलाज का विकल्प नहीं है। सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना या अचानक बेहोशी जैसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।



