
Satya Report: न्यू ग्राफ्ट हेयर क्लिनिक चंडीगढ़ में डॉक्टर नव विक्रम कॉम्बोज ने बताया सिर पर होने वाले दानों या एक्ने को फॉलिकुलाइटिस कहा जाता है जो एक ऐसी परेशानी है किसी भी उम्र के लोगों को कभी भी हो सकती है। ये परेशानी बच्चों को ज्यादा होती है। इस परेशानी के होने का कारण सिर पर एक बैक्टीरिया का होना है। ये बैक्टीरिया हमारे सिर पर रहता है लेकिन जैसी ही इस बैक्टीरिया को हल्का सा भी स्क्रैच यानी की ब्लड मिल जाए तो ये सिर पर ग्रो करना शुरु कर देता है। स्किन में चोट, खरोंच या गंदगी मिलने पर ये बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगता है। इस बैक्टीरिया को STAPHYLOCOCCUS AUREUS कहा जाता है।
गर्मी में स्कैल्प पर इस बैक्टीरिया के पनपने की वजह से सिर में दाने, फुंसियां बढ़ने लगती है। कई मामलों में यह डैंड्रफ के साथ मिलकर पूरे स्कैल्प में फैल जाती है और दर्द, खुजली व पस जैसी दिक्कतें पैदा करती है। बदलता लाइफस्टाइल, खराब डाइट और खराब हाइजीन के कारण सिर पर दाने यानी स्कैल्प एक्ने या फॉलिकुलाइटिस की समस्या तेजी से बढ़ती है। डॉक्टर ने बताया इस परेशानी से किसी भी उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं।
किन लोगों को स्कैल्प एक्ने की समस्या हो सकती है?
स्कैल्प एक्ने की समस्या उन लोगों को हो सकती है जिनके सिर में डैंड्रफ है।
डायबिटीज की बीमारी में मरीज के सिर पर ये परेशानी हो सकती है।
जिन लोगों को ज्यादा पसीना आता है उन्हें सिर में ये समस्या हो सकती है।
गंदगी या हाइजीन का ध्यान नहीं रखने वाले लोगों को भी ये समस्या हो सकती है।
खराब डाइट जैसे जंक फूड और मीठा ज्यादा खाने वाले लोगों को ये समस्या हो सकती है।
स्कैल्प के दानों का कैसे करें इलाज .
स्कैल्प की साफ-सफाई का ध्यान रखें
अगर आप सिर के दानों से परेशान हैं तो आप सिर की साफ-सफाई का ध्यान रखें। सिर को साफ करने के लिए आप नीम के पत्तों को पीसकर शैंपू में मिलाकर इस्तेमाल करें। नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो संक्रमण को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन का इस्तेमाल करें
पानी में एंटीसेप्टिक लिक्विड मिलाकर स्कैल्प पर कुछ मिनट लगाने के बाद सिर पर एंटीफंगल शैंपू करें और बालों को वॉश करें, स्कैल्प पर होने वाला संक्रमण कंट्रोल रहेगा।
सिर पर तेल लगाने से परहेज करें
अगर आपके सिर पर दाने और खुजली हो रही हैं तो आप सिर पर तेल लगाने से परहेज करें। स्कैल्प की फुंसियों पर तेल लगाने से बैक्टीरिया की संख्या में बढ़ोतरी होती है, इसलिए इस दौरान ऑयलिंग से बचना चाहिए।
सिर में खुजली है तो नाखून का इस्तेमाल न करें
अगर आपके सिर में खुजली रहती है तो आप सिर को खुजाए नहीं, क्योंकि खुजाने से सिर में चोट और खून निकल सकता है जिससे संक्रमण बढ़ सकता है। हमेशा हाथ साफ रखें और नाखून छोटे रखें।
एलोवेरा जेल से मिलेगी राहत
अगर आप स्कैल्प पर होने वाले संक्रमण को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप एलोवेरा जेल लगाएं। कैलामाइन लोशन या ठंडी सिकाई से खुजली और जलन में आराम मिलता है।
कंघी करने से परहेज करें
अगर आपके सिर में खुजली है और फुंसियां बढ़ रही हैं तो आप कंघी करने से परहेज करें। जब आप सिर पर कंघी तभी करें जब फुंसियां सही हो जाएं।
डाइट से करें इलाज
आप सिर में होने वाली खुजली और दानों से परेशान हैं तो आप डाइट में विटामिन C, विटामिन B, आयरन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड्स का सेवन करें। इन फूड्स का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होगी और संक्रमण से बचाव होगा।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करने से संक्रमण बढ़ सकता है, इसलिए इन दानों पर बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
- एंटीबायोटिक क्रीम या जेल को केवल प्रभावित जगह पर ही लगाएं, पूरे सिर पर नहीं लगाएं।
डाइट में ज्यादा चीनी और मैदा का सेवन करने से परहेज करें। ये फूड संक्रमण बढ़ा सकते हैं।
हेलमेट पहनते समय सिर को साफ कपड़े से कवर करें और हेलमेट को नियमित रूप से साफ करें, क्योंकि यह संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है।
अगर समस्या 2–3 हफ्ते में ठीक न हो या बार-बार फुंसियां बनी रहें तो आप डॉक्टर से जांच कराएं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है। सिर में फुंसियां या त्वचा संबंधी कोई भी समस्या होने पर इसे नजरअंदाज न करें और किसी प्रमाणित त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से परामर्श लें। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर परिणाम और उपचार भिन्न हो सकते हैं।



