
सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियां मिलने लगती हैं। काली गाजर, शकरकंद, लाल मिर्च, कद्दू और बथुआ ऐसी ही चीजें हैं, जिन्हें सर्दियों की डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनमें फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट शिल्पा अरोड़ा ने भी सर्दियों में मिलने वाली इन पांच सब्जियों को खाने की सलाह दी है। इनमें मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने और सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। हालांकि, किसी एक सब्जी को कैंसर से बचाव या उसके इलाज का साधन मानना सही नहीं है। आइए जानते हैं इन पांच सब्जियों के पोषण संबंधी फायदे।
1. काली गाजर में पाए जाते हैं एंथोसायनिन
काली गाजर अपने गहरे बैंगनी रंग के लिए जानी जाती है। इसमें एंथोसायनिन नाम का प्राकृतिक पिगमेंट पाया जाता है, जो एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है।
काली गाजर में फाइबर और दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं। इसे सलाद, जूस या सब्जी के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसके सेवन से कैंसर का खतरा निश्चित रूप से कम होता है, ऐसा साबित नहीं है।
2. शकरकंद से मिलता है बीटा-कैरोटीन और फाइबर
सर्दियों में मिलने वाली शकरकंद स्वाद के साथ पोषण भी देती है। इसमें बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जिसे शरीर विटामिन ए में बदल सकता है। इसके अलावा इसमें फाइबर और विटामिन सी भी मौजूद होते हैं।
शकरकंद को उबालकर, भूनकर या इसकी चाट बनाकर खाया जा सकता है। फाइबर पाचन और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है। इसे तली हुई चीजों के बजाय हल्के स्नैक के रूप में खाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
3. मोटी लाल मिर्च में होता है कैप्साइसिन
सर्दियों में मिलने वाली मोटी लाल मिर्च का इस्तेमाल सब्जी और अचार बनाने में किया जाता है। इसमें कैप्साइसिन नाम का प्राकृतिक कंपाउंड पाया जाता है। इसके अलावा लाल मिर्च में कैरोटीनॉयड और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व भी हो सकते हैं।
कैप्साइसिन और दूसरे बायोएक्टिव कंपाउंड्स पर उनके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर शोध जारी है। लेकिन लाल मिर्च खाने से कैंसर से बचाव की गारंटी नहीं मिलती। जिन लोगों को मिर्च से एसिडिटी या पेट में जलन होती है, उन्हें इसका सेवन सीमित रखना चाहिए।
4. कद्दू में मौजूद हैं कई एंटीऑक्सीडेंट
कद्दू सर्दियों की पौष्टिक सब्जियों में शामिल है। इसका नारंगी रंग बीटा-कैरोटीन की मौजूदगी के कारण होता है। इसमें ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे कैरोटीनॉयड भी पाए जाते हैं।
कद्दू में फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इसे सब्जी, सूप या हल्के नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है। संतुलित डाइट में कद्दू शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है।
5. बथुआ का साग देता है जरूरी विटामिन और खनिज
सर्दियों में बथुआ का साग खूब पसंद किया जाता है। इसके पत्तों में विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट और कई तरह के पौधों से मिलने वाले प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। इसमें फाइबर और कुछ खनिज भी मौजूद होते हैं।
बथुआ को अच्छी तरह साफ करके पकाकर खाना चाहिए। इसे साग, दाल या अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जा सकता है। यह सर्दियों की डाइट में पौष्टिक विविधता जोड़ने का अच्छा तरीका है।
क्या ये सब्जियां सच में कैंसर से बचाती हैं?
इन सब्जियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे बायोएक्टिव तत्व शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन किसी एक खाद्य पदार्थ को कैंसर से बचाव का पक्का उपाय नहीं माना जा सकता। कैंसर का जोखिम उम्र, आनुवंशिकता, तंबाकू और शराब का सेवन, मोटापा, शारीरिक गतिविधि और कई अन्य कारकों से प्रभावित होता है।
कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना, तंबाकू से दूरी और जरूरी स्वास्थ्य जांच पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं। ये सब्जियां पौष्टिक आहार का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन कैंसर की रोकथाम या इलाज की गारंटी नहीं देतीं। किसी बीमारी या विशेष डाइट संबंधी जरूरत के लिए डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें।
— Satya Report



