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हाई ब्लड प्रेशर के शरीर में दिख सकते हैं ये 9 संकेत, जानें BP चेक करने का सही तरीका और कब लें डॉक्टर की सलाह..

हाई ब्लड प्रेशर के शरीर में दिख सकते हैं ये 9 संकेत, जानें BP चेक करने का सही तरीका और कब लें डॉक्टर की सलाह..

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, अनियमित खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ते वजन जैसी वजहों से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आम होती जा रही है। इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में BP बढ़ने के बावजूद कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।

हालांकि, जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तब कुछ लोगों में सिरदर्द, चक्कर, धुंधला दिखाई देना या सीने में परेशानी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर हाई BP को पहचानने के बजाय नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

सह्याद्री ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के इंटरवेंशनल एवं कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिजीत पालशीकर के अनुसार, हाई BP को नियंत्रित रखने के लिए इसकी नियमित निगरानी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार जरूरी है।

हाई BP बढ़ने पर कौन-कौन से लक्षण दिख सकते हैं?

बहुत ज्यादा ब्लड प्रेशर होने की स्थिति में कुछ लोगों में निम्न समस्याएं दिखाई दे सकती हैं:

  • तेज सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • धुंधला दिखाई देना
  • सीने में दर्द या दबाव महसूस होना
  • सांस लेने में परेशानी
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना
  • नाक से खून आना
  • अत्यधिक बेचैनी या घबराहट
  • असामान्य कमजोरी या थकान

कुछ मामलों में मतली या उल्टी जैसी परेशानी भी हो सकती है। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा हाई BP होना नहीं है। इनकी दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।

सिर्फ लक्षणों का इंतजार करना सही नहीं

हाई ब्लड प्रेशर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रह सकता है। व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकता है, लेकिन BP लगातार बढ़ा हुआ हो सकता है।

इसीलिए यह सोचना सही नहीं है कि अगर सिरदर्द या चक्कर नहीं हो रहे हैं तो BP सामान्य ही होगा। नियमित BP जांच से ही वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

लंबे समय तक हाई BP रहने से क्या नुकसान हो सकता है?

अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रहता, तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर इसका असर पड़ सकता है। लगातार हाई BP हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाता है और समय के साथ हृदय रोग, स्ट्रोक तथा किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

इसलिए BP को सिर्फ तब नियंत्रित करना जरूरी नहीं है जब कोई लक्षण दिखाई दें। नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार भी जरूरी है।

BP की दवा शुरू होने के बाद खुद से बंद न करें

अगर दवा लेने के बाद ब्लड प्रेशर सामान्य आने लगे तो इसका मतलब यह नहीं है कि समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है। कई बार दवा के कारण BP नियंत्रित रहता है।

इसलिए BP की रीडिंग सामान्य आने पर भी दवा अपने मन से बंद नहीं करनी चाहिए। कुछ मरीजों में वजन कम करने, खान-पान सुधारने, नियमित व्यायाम और अन्य लाइफस्टाइल बदलावों के बाद दवा की जरूरत या खुराक में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन इसका फैसला डॉक्टर ही करते हैं।

घर पर BP नापने का सही तरीका क्या है?

घर पर ब्लड प्रेशर मापते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। गलत तरीके से BP मापने पर रीडिंग वास्तविक स्थिति से अलग आ सकती है।

BP जांच से पहले आराम करें

BP मापने से करीब 30 मिनट पहले चाय-कॉफी, धूम्रपान और एक्सरसाइज से बचें। जांच से पहले लगभग 5 मिनट शांत होकर बैठें।

बैठने की सही स्थिति रखें

पीठ को कुर्सी का सहारा दें और दोनों पैर जमीन पर सीधे रखें। पैरों को क्रॉस करके BP न मापें।

हाथ को सही स्थिति में रखें

जिस हाथ में BP कफ लगाया गया है, उसे टेबल पर इस तरह रखें कि हाथ लगभग हृदय के स्तर पर रहे।

कफ सीधे बाजू पर लगाएं

BP मशीन का कफ कपड़ों के ऊपर लगाने के बजाय नंगे बाजू पर, कोहनी के ऊपर सही तरीके से लगाएं। कफ का आकार भी बाजू के लिए उपयुक्त होना चाहिए।

BP लेते समय शांत रहें

रीडिंग लेते समय बात करने, हिलने-डुलने या किसी अन्य गतिविधि से बचें। इससे माप प्रभावित हो सकता है।

दो रीडिंग लेना बेहतर

एक बार BP मापने के बजाय लगभग 1 मिनट के अंतर से दो रीडिंग लें और जरूरत के अनुसार उनका औसत नोट करें।

रोजाना लगभग एक ही समय पर जांच करें

अगर डॉक्टर ने घर पर नियमित BP मॉनिटर करने की सलाह दी है, तो हर दिन लगभग एक ही समय पर रीडिंग लेना और उसे लिखकर रखना उपयोगी हो सकता है।

BP के मरीज किन बातों का रखें ध्यान?

हाई BP में केवल लक्षणों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। नियमित मॉनिटरिंग, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा को सही तरीके से लेना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है।

अगर घर पर BP की रीडिंग लगातार सामान्य सीमा से अधिक आ रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वहीं अगर बहुत ज्यादा BP के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी, अचानक कमजोरी, बोलने में दिक्कत, भ्रम या दृष्टि में अचानक बदलाव जैसे गंभीर लक्षण हों, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। हाई ब्लड प्रेशर की जांच, निदान और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। अपनी BP की दवा डॉक्टर से पूछे बिना बंद या उसकी खुराक में बदलाव न करें।

contact.satyareport@gmail.com

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