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गोल नहीं, चौकोर पॉटी करता है​​​​​ ये जीव! जानिए वॉम्बैट के इस अनोखे राज का सच.

दुनिया में ऐसे कई जीव हैं जिनकी खासियतें इंसानों को हैरान कर देती हैं। कोई आसमान में उड़ सकता है, कोई पानी में घंटों रह सकता है तो कोई जमीन के अंदर लंबी सुरंग बना लेता है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला एक जीव ऐसा है जिसकी पहचान ही उसकी बेहद अनोखी पॉटी से होती है। वॉम्बैट दुनिया का एकमात्र ज्ञात स्तनधारी है जो क्यूब यानी चौकोर आकार की पॉटी करता है।

पहली बार सुनने पर यह बात किसी मजाक जैसी लग सकती है, लेकिन वैज्ञानिकों ने रिसर्च के जरिए इसके पीछे छिपा पूरा रहस्य समझ लिया है।

भालू जैसा दिखता है वॉम्बैट

वॉम्बैट ऑस्ट्रेलिया का मूल निवासी एक मार्सूपियल जीव है। इसका शरीर मजबूत और पैर छोटे होते हैं। देखने में यह छोटे भालू या बैजर जैसा दिखाई देता है। इसके पंजे बेहद ताकतवर होते हैं, जिनकी मदद से यह जमीन के अंदर बिल बनाता है।

यह शाकाहारी जानवर है और मुख्य रूप से घास, जड़ें, छाल और दूसरी वनस्पतियां खाता है। वॉम्बैट ज्यादातर रात में सक्रिय रहता है और दिन का काफी समय अपने बिल में आराम करते हुए बिताता है।

लेकिन इसकी सबसे दिलचस्प बात इसका खाना या रहन-सहन नहीं, बल्कि उसका पाचन तंत्र है।

आखिर चौकोर कैसे बनती है पॉटी?

आमतौर पर जानवरों का मल गोल या बेलनाकार आकार का होता है। इसकी वजह यह है कि आंतों की मांसपेशियां एक खास तरीके से सिकुड़ती हैं। फिर वॉम्बैट की पॉटी चौकोर कैसे हो जाती है?

वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब खोजने के लिए वॉम्बैट की आंतों का अध्ययन किया। रिसर्च से पता चला कि इसकी आंत का आखिरी हिस्सा बाकी हिस्सों से अलग तरीके से काम करता है।

वॉम्बैट की आंत में कुछ हिस्से ज्यादा सख्त होते हैं, जबकि कुछ हिस्से अपेक्षाकृत लचीले होते हैं। जब आंतों की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं तो इन अलग-अलग हिस्सों पर दबाव भी अलग पड़ता है। इसी असमान दबाव के कारण मल धीरे-धीरे अपने कोनों वाला आकार लेने लगता है और आखिर में क्यूब जैसा बन जाता है।

यानी चौकोर पॉटी बनने का राज मलद्वार में नहीं, बल्कि आंतों की बनावट में छिपा है।

पहले लोग समझते थे कुछ और

वॉम्बैट की चौकोर पॉटी को लेकर लंबे समय तक अलग-अलग तरह के अनुमान लगाए जाते रहे। कुछ लोगों का मानना था कि शायद इसका मलद्वार ही चौकोर आकार का होता होगा।

लेकिन वैज्ञानिक अध्ययन ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। वॉम्बैट का मलद्वार सामान्य रूप से गोल होता है। चौकोर आकार आंत के अंदर ही बनता है और फिर वही क्यूब बाहर निकलता है।

वैज्ञानिकों ने आंतों की संरचना का अध्ययन करके पाया कि अलग-अलग हिस्सों की लोच और संकुचन की गति में अंतर इस अनोखे आकार के पीछे बड़ी वजह है।

सूखा मल भी है एक खास वजह

वॉम्बैट का पाचन तंत्र उसके जीवनशैली के हिसाब से बेहद खास है। इसकी आंतें भोजन से काफी मात्रा में पानी सोख लेती हैं, जिसके कारण इसका मल बेहद सूखा और सख्त हो जाता है।

इसके बाद आंत के अंतिम हिस्से में होने वाले असमान संकुचन मल को क्यूब के आकार में ढाल देते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया को देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हुए, क्योंकि प्रकृति ने एक ही जीव के शरीर में ऐसी व्यवस्था विकसित कर दी है जो उसके मल को बाकी स्तनधारियों से बिल्कुल अलग आकार देती है।

चौकोर पॉटी का फायदा क्या है?

वॉम्बैट अक्सर अपनी पॉटी को चट्टानों, लकड़ियों या दूसरी ऊंची जगहों के आसपास छोड़ता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि क्यूब आकार होने के कारण ये छोटे-छोटे टुकड़े आसानी से लुढ़कते नहीं हैं।

वॉम्बैट इन्हें अपने इलाके की सीमा चिन्हित करने के लिए इस्तेमाल करता है। इस तरह चौकोर आकार उसके लिए सिर्फ एक अजीब प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि व्यवहारिक फायदा भी दे सकता है।

प्रकृति में ऐसी अनोखी व्यवस्थाएं अक्सर जीवों के रहने और अपने आसपास के माहौल के साथ तालमेल बैठाने से जुड़ी होती हैं।

प्रकृति का अनोखा कमाल

वॉम्बैट की चौकोर पॉटी भले ही सुनने में मजेदार लगे, लेकिन इसके पीछे छिपी जैविक प्रक्रिया वैज्ञानिकों के लिए काफी दिलचस्प है। इसकी आंतों की अलग-अलग लोच और मांसपेशियों के असमान संकुचन मिलकर ऐसा आकार बनाते हैं, जिसकी कल्पना शायद किसी इंसान ने कभी नहीं की होगी।

यही वजह है कि वॉम्बैट को प्रकृति के सबसे अनोखे जीवों में गिना जाता है।

एक गोल रास्ते से चौकोर चीज बाहर निकल सकती है—वॉम्बैट का शरीर इसका हैरान कर देने वाला उदाहरण है।

 

 

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