अक्टूबर का महीना शुरू हो चुका है. जल्द ही नवरात्र शुरू हो जाएंगे और फेस्टिव सीजन के लिए खरीदारी भी शुरू होगी. लेकिन महीने के पहले ही दिन जिस तरह की पांच खबरें सामने आई हैं, उन्होंने आम लोगों का मूड खराब कर दिया है. उसका कारण भी हैं. ये तमाम बातें आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाल रही हैं. जहां एक ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ, जिसकी वजह से रेस्टोरेंट में खाना महंगा होने की संभावना बन गई है. वहीं दूसरी ओर जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी देखने को मिली है. जिसकी वजह से एयरलाइन कंपनियां एयर फेयर में इजाफा कर सकती हैं. शेयर बाजार महीने के पहले दिन भी दबाव में देखने को मिल रहा है. साथ ही रुपए में गिरावट इंपोर्टेड महंगाई में इजाफा होने का संकेत दे रही है. वहीं सोने और चांदी की कीमत में तेजी भी आम लोगों को परेशान कर रही है. आइए इन सबको विस्तार से और आम भाषा में समझने की कोशिश करते हैं…

कमर्शियल एलपीजी हुआ महंगा
कमर्शियल एलपीजी की कीमत 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 62.59 रुपए बढ़ाई गई है. सितंबर में कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 9.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई थी. इससे पहले जुलाई और अगस्त में लगातार दो महीनों में इसकी कीमत क्रमश: 183.50 रुपए और 192 रुपए घटाई गई थी. ये कटौती जून में कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद की गई थी. उस समय वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों के कारण वाणिज्यिक एलपीजी महंगी हो गई थी. फरवरी से जून के बीच 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,373 रुपए बढ़कर 1,740.50 रुपए से 3,113.50 रुपए हो गई थी. इसके बाद जुलाई और अगस्त में इसमें कमी की गई. इससे आने आने वाले दिनों में रेस्टोरेंट में खाना महंगा हो सकता है. साथ ही फेस्टिव सीजन में मिठाईयों के दाम में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी
इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों में बढ़ोतरी के अनुरूप जेट फ्यूल की कीमत बृहस्पतिवार से 16 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दी गई है और साथ ही 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 62.59 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. सरकारी तेल कंपनियों ने यह जानकारी दी. तेल कंपनियों के अनुसार, घरेलू विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमत 121 रुपए से बढ़कर 137 रुपए प्रति लीटर हो गई है. इससे पहले सितंबर में एटीएफ की कीमत 6.28 रुपए प्रति लीटर यानी 5.46 फीसदी बढ़ाई गई थी. अगस्त में भी इसमें पांच रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी. विमानन कंपनियों की कुल परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक होती है. ऐसे में ईंधन की कीमतें विमानन कंपनियों की लागत को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक हैं. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में एविएशन कंपनियां एयर फेयर में इजाफा कर सकती हैं.
शेयर बाजार में गिरावट
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और इसके 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार करने से गिरावट सीमित रही. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 215 अंक टूटकर 72,257.30 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 107.25 अंक फिसलकर 22,518.90 अंक पर आ गया. सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल और एशियन पेंट्स के शेयर में सबसे अधिक गिरावट रही. वहीं कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एक्सिस बैंक के शेयर बढ़त में रहे. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध रूप से 10,148.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. सेंसेक्स बुधवार को 48.78 अंक और निफ्टी 95.75 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था.
रुपए में भी आई गिरावट
रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सीमित दायरे में कारोबार करता हुआ तीन पैसे की गिरावट के साथ 95.97 प्रति डॉलर पर आ गया. सरकारी तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की लगातार मांग के कारण रुपए पर दबाव रहा. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से हाजिर और वायदा बाजारों में डॉलर की बिक्री से रुपये की गिरावट हालांकि, सीमित रही और विनिमय दर 96.00 के स्तर से नीचे बनी रही. इसके अलावा, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती से भी रुपया दबाव में रहा. इंटर बैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.95 प्रति डॉलर पर खुला. बाद में टूटकर 95.97 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से तीन पैसे की गिरावट है. रुपया बुधवार को शुरुआती बढ़त गंवाता हुआ 95.94 प्रति डॉलर पर स्थिर बंद हुआ था. रुपए में आई की गिरावट की वजह से इंपोर्टेड महंगाई में इजाफा होता है. जिसका बोझ आम लोगों की जेब पर पड़ता है.
सोनाचांदी हुआ महंगा
वहीं दूसरी ओर देश के वायदा बाजार में सोने और चांदी के दाम में तेजी देखने को मिल रही है. सोना एक बार फिर से डेढ़ लाख रुपए के पार चला गया है. जिसकी वजह से आम लोगों का सोना खरीदने का सपना धुमिल हो गया है. आंकड़ों को देखें तो एमसीएक्स पर सोने के दाम 1,703 रुपए की तेजी के साथ 1,50,739 लाख रुपए प्रति दस ग्राम पर दिखाई दिया. जबकि चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिल रही है. कारोबारी सत्र के दौरान चांदी के दाम में 3,190 रुपए का इजाफा देखने को मिला और 2,26,896 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई हैं.



