
डायबिटीज में ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए खानपान के साथ शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन हर किसी के पास रोज जिम जाने का समय नहीं होता। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दिन में थोड़ी-थोड़ी देर सीढ़ियां चढ़ना और टहलना ब्लड शुगर को संभालने में मदद कर सकता है, या फिर इसके लिए नियमित जिम वर्कआउट करना ज्यादा जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों तरह की गतिविधियां सेहत के लिए उपयोगी हैं। सीढ़ियां चढ़ने और भोजन के बाद टहलने जैसी छोटी गतिविधियां दिनभर सक्रिय रहने में मदद करती हैं, जबकि नियमित व्यायाम शरीर की ताकत, दिल की सेहत और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है।
सीढ़ियां चढ़ने से ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है?
सीढ़ियां चढ़ते समय पैरों और शरीर की कई बड़ी मांसपेशियों को काम करना पड़ता है। इस दौरान शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल करता है। इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार सीढ़ियां चढ़ना शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकता है।
खाने के बाद थोड़ी देर टहलने या हल्की गतिविधि करने से भी भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी को सीमित करने में मदद मिल सकती है। लंबे समय तक लगातार बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना भी फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। सीढ़ियां चढ़ना डायबिटीज का इलाज नहीं है और केवल इस गतिविधि से ब्लड शुगर सामान्य होने की गारंटी नहीं दी जा सकती।
क्या जिम में वर्कआउट करना ज्यादा फायदेमंद है?
नियमित वर्कआउट के अपने अलग फायदे हैं। एरोबिक एक्सरसाइज, जैसे तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या तैराकी, दिल की सेहत और शरीर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती है। वहीं, वजन उठाने और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम से मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है और शरीर को ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
इसलिए केवल जिम में कुछ समय व्यायाम करना और फिर बाकी दिन लगातार बैठे रहना आदर्श दिनचर्या नहीं है। नियमित वर्कआउट के साथ दिनभर सक्रिय रहना भी जरूरी है।
डायबिटीज में सीढ़ियां चढ़ने का सही तरीका क्या है?
सीढ़ियां चढ़ने की शुरुआत अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार करें। शुरुआत में कम सीढ़ियां चढ़ें और जरूरत के मुताबिक धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाएं। कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- भोजन के बाद टहलें: अपनी सुविधा के अनुसार खाने के बाद थोड़ी देर हल्की चाल से चल सकते हैं।
- लगातार न बैठें: लंबे समय तक काम करने के दौरान बीच-बीच में उठकर कुछ मिनट चलें।
- सुरक्षा का ध्यान रखें: सीढ़ियां चढ़ते समय रेलिंग का सहारा लें, खासकर अगर संतुलन बनाने में परेशानी होती हो।
- नियमित व्यायाम करें: अपनी दिनचर्या में चलने, साइकिल चलाने या अन्य एरोबिक गतिविधियों के साथ मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम भी शामिल करें।
- शरीर के संकेत समझें: चक्कर, सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलने या कमजोरी महसूस होने पर गतिविधि रोकें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लें।
डायबिटीज की कुछ दवाएं, खासकर इंसुलिन और कुछ अन्य दवाएं, व्यायाम के दौरान ब्लड शुगर बहुत कम होने का जोखिम बढ़ा सकती हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से पूछें कि व्यायाम से पहले और बाद में शुगर की जांच कब करनी चाहिए।
ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए सीढ़ियां या जिम, क्या चुनें?
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए दोनों को एक-दूसरे का विकल्प मानने के बजाय साथ में अपनाना बेहतर हो सकता है। सीढ़ियां चढ़ना, भोजन के बाद टहलना और बैठने के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना दिनभर सक्रिय रहने में मदद करता है। वहीं, नियमित एरोबिक और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग लंबे समय में फिटनेस, मांसपेशियों की ताकत और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को सामान्य तौर पर सप्ताह में कम से कम 150 से 300 मिनट मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि करने का लक्ष्य रखना चाहिए। हालांकि, उम्र, मौजूदा फिटनेस और स्वास्थ्य समस



