अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान की कथित चोरी का मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. मामले की जांच के दौरान कई बड़ी खामियां सामने आई हैं. इस बीच मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्था संभालने वाले CEO की नियुक्ति प्रक्रिया अगले हफ़्ते से शुरू होने जा रही है. बताया जा रहा है कि CEO नियुक्त करने वाली 3 सदस्यीय समिति 23 दिन में बैठक करेगी.

जानकारी के मुताबिक CEOनियुक्त करने वाली समिति में रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और न्यूक्लियर साइंटिस्ट सुरेश हावरे शामिल हैं. ये सभी बैठक करेंगे और इस मामले पर चर्चा करेंगे.
महासचिव लेंगे अंतिम निर्णय
न्यूक्लियर साईंटिस्ट सुरेश काशीनाथ हावरे ने TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए बताया कि श्री राम मंदिर केCEO का नाम तय करना मंदिर ट्रस्ट के महासचिव का विशेषाधिकार है. उन्होंने कहा कि समिति सिर्फ योग्य उम्मीदवारों का एक पैनल तय करके मंदिर ट्रस्ट को सौंप देगी.
क्या होनी चाहिए विशेषता
उन्होंने बताया कि पैनल में अंतिम रूप से चयन उम्मीदवारों की संख्या कितनी होगी ये इस बात पर निर्भर करेगा कि इंटरव्यू देने कितने लोग आते हैं और उनमें प्रबंधन और आध्यात्म की कितनी समझ है. साथ ही मंदिर और धर्म के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या है और मंदिर संभालने का कोई अनुभव भी है?. उन्होंने कहा कि इन तमाम बातों पर ही ये निर्भर होगा कि मंदिर ट्रस्ट को योग्य उम्मीदवारों के पैनल में कितने नाम भेजे जाएं.
सुरेश हावरे ने बताया कि समिति की होने जा रही बैठक में तीन सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिंदु हैं.
- CEO की नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का आवेदन कैसे और कब मांगा जाए?
- तीन चरण के बाद फाइनल पैनल में कितने लोगों के नाम मंदिर ट्रस्ट को भेजे जाएं?
- नियुक्त होने वाले CEO का वेतन और अन्य सुविधाएं क्या होंगी?
कार्य क्षेत्र और दायित्व
इसके साथ ही CEO का कार्य क्षेत्र और दायित्व क्या होगा ये भी अहम बात है. फिलहाल ये तय है कि नियुक्त CEO मंदिर ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा और नियुक्त CEO को अयोध्या में ही रहना होगा. CEO को वेतन, रहने के लिए मकान और गाड़ी भी मिलेगी.
सुरेश हावरे ने बताया कि नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से होगी. इंटरव्यू के लिए आवेदन रिटायर्ड और वर्किंग कोई भी कर सकता है. बस उनको धर्म और प्रबंधन की अच्छी जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अभी समिति में शामिल हम तीनों लोगों की बैठक नहीं हुई है हम जल्दी बैठक करेंगे. उन्होंने बताया कि बैठक के बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी.आवेदन कैसे लेना है यह भी बैठक में तय किया जाएगा. उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए कुछ योग्यता भी बैठक में तय की जा सकती हैं. लेकिन जो भी नाम शॉर्ट लिस्ट किए जाएंगे उनमें सबसे महत्वपूर्ण योग्यता धर्म और आध्यात्म के प्रति कितनी रुचि रखते हैं ये महत्वपूर्ण होगा. इसके साथ ही प्रशासन, प्रबंधन और वित्तीय अनुभव का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने बताया कि CEO का कार्य क्षेत्र संपूर्ण मंदिर की प्रबंधकीय, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था देखने की होगी.
महासचिव को सौंपी जाएगी सूची
उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में आवेदन आने के बाद शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा. उसके बाद उन नाम पर विचार करके महासचिव को सूची सौंप दी जाएगी. उन्होंने बताया कि चाहे वो कार्यवाहक महासचिव हो या फिर पूर्णकालिक महासचिव हम लोगों को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है जो भी महासचिव का दायित्व निभा रहा होगा उसकी सूची दी जाएगी.
कौन हैं सुरेश हावरे
सुरेश हावरे मंदिर ट्रस्ट के CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति के सदस्य हैं. वो एक सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक हैं जिन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग में 27 साल बिताए हैं. हावरे शिरडी में श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के प्रमुख भी रह चुके हैं, इसके साथ ही वो वर्तमान में रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के अध्यक्ष और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के मेंबर भी हैं. उन्होंने ‘टेम्पल मैनेजमेंट’ नामक पुस्तक भी लिखी है.



