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गे चैटिंग ऐप के जरिए 16 वर्षीय: किशोर से संपर्क, थार समलैंगिक संबंध बनाए और 50 हजार रुपये मांगने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

गे चैटिंग ऐप के जरिए 16 वर्षीय: किशोर से संपर्क, थार समलैंगिक संबंध बनाए और 50 हजार रुपये मांगने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक कारोबारी के 16 वर्षीय बेटे को ऑनलाइन चैटिंग ऐप के जरिए संपर्क कर थार गाड़ी में ले जाने और उसके पिता से 50 हजार रुपये मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, किशोर के लापता होने की सूचना मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश की गई। बाद में किशोर को बरामद कर लिया गया, जबकि देर रात हुई मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, दो जिंदा कारतूस, तीन खोखे और कथित घटना में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी बरामद करने की बात कही है। मामले में पैसों के लेनदेन और कथित फिरौती की भूमिका की जांच की जा रही है।

घर से निकला किशोर दुकान तक नहीं पहुंचा

जानकारी के अनुसार, राया कस्बे में रहने वाले एक कारोबारी का 16 वर्षीय बेटा बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घर से अपने पिता की दुकान जाने के लिए निकला था। काफी देर तक उसके दुकान नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला।

इसके बाद परिवार को किशोर के अपहरण की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई। मामला एक नाबालिग कारोबारी के बेटे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर तलाश आगे बढ़ाई गई।

चैटिंग ऐप के जरिए हुआ था संपर्क

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में किशोर ने बताया कि उसने घटना से कुछ दिन पहले ही ग्राइंडर नाम का चैटिंग ऐप डाउनलोड किया था। इसके जरिए उसकी एक व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई। बुधवार को बातचीत के दौरान उसे मिलने के लिए बुलाया गया।

बताया गया है कि किशोर राया कस्बे के बस स्टैंड के पास पहुंचा, जहां थार गाड़ी में मौजूद दो युवक उसे अपने साथ ले गए। किशोर के मुताबिक, जब उसने गाड़ी से उतरने की बात कही तो उसे धमकाया गया और उसका मोबाइल फोन बंद करा दिया गया।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही थी। फुटेज में किशोर बस स्टैंड के पास जाता और वहां से थार गाड़ी में बैठकर निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने वाहन और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।

पिता से मांगे गए 50 हजार रुपये

इस बीच किशोर के मोबाइल फोन से उसके पिता के पास व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर बेटे को अपने कब्जे में होने की बात कहते हुए 50 हजार रुपये की मांग की। बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता ने उसके बैंक खाते में रकम भेज दी।

हालांकि, खबर के मुताबिक, नाबालिग के खाते में एक बार में केवल पांच हजार रुपये ही ट्रांसफर हो सके। पुलिस इस लेनदेन और कॉल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में इसे फिरौती की मांग के रूप में देखा गया, जबकि पुलिस सूत्रों ने पैसों के लेनदेन को विवाद की एक वजह बताया है।

गांव के पास किशोर को छोड़कर भागे आरोपी

सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध थार गाड़ी का पीछा किया। बताया गया है कि बुधवार शाम करीब पांच बजे आरोपी बलदेव रोड पर गांव कारब के पास किशोर को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने किशोर को सुरक्षित बरामद कर लिया और उससे पूछताछ शुरू की।

इसके बाद देर रात पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की सूचना सामने आई। पुलिस ने कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल थार और हथियार बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम में अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर जांच जारी है।

पैसों के विवाद का पहलू भी जांच के दायरे में

मामले में पुलिस सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया कि किशोर और थार सवार लोगों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। कुछ रिपोर्टों में उनके बीच कथित निजी संबंधों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

इस मामले में एक ओर परिजनों की शिकायत और पैसे मांगने वाली कॉल की जांच हो रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किशोर को किस परिस्थिति में गाड़ी में ले जाया गया और आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था।

बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी

यह घटना अभिभावकों के लिए ऑनलाइन सुरक्षा के महत्व को भी सामने लाती है। नाबालिगों को अनजान लोगों से इंटरनेट पर बातचीत करने, निजी जानकारी साझा करने और बिना किसी विश्वसनीय व्यक्ति को बताए मिलने जाने के जोखिमों के बारे में समझाना जरूरी है।

बच्चों के साथ ऐसा भरोसेमंद माहौल होना चाहिए, जिसमें वे किसी अनजान व्यक्ति के दबाव, धमकी या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में बिना डर के परिवार को बता सकें। किसी संदिग्ध घटना की जानकारी मिलने पर स्वयं टकराव करने के बजाय पुलिस से संपर्क करना उचित है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से जुड़े कुछ विवरण और आरोप अभी जांच के अधीन हैं। पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं है।

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