
उत्तर प्रदेश में एक पुरानी घटना ने उस समय लोगों का ध्यान खींचा था, जब बचपन से एक-दूसरे की सहेलियां रहीं दो युवतियां अचानक पांच दिनों के लिए लापता हो गई थीं। परिवार वालों ने उनकी तलाश की और पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद दोनों युवतियां खुद थाने पहुंचीं और वहां ऐसी बात कही, जिसे सुनकर पुलिस और उनके परिजन हैरान रह गए।
परिवार वालों को नहीं थी इस रिश्ते की जानकारी
मामला नकुड़ क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा बताया गया था। दोनों युवतियां काफी समय से एक-दूसरे को जानती थीं और बचपन से उनकी दोस्ती थी। परिवार वालों को जब दोनों के अचानक गायब होने की जानकारी मिली तो उन्होंने उनकी तलाश शुरू कर दी।
काफी तलाश के बाद भी जब दोनों का पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस भी दोनों को तलाश करने में जुट गई थी।
अचानक खुद थाने पहुंचीं दोनों
पुलिस उनकी तलाश कर ही रही थी कि दोनों युवतियां खुद कोतवाली पहुंच गईं। वहां उन्होंने पुलिस के सामने अपनी बात रखी।
दोनों ने बताया कि वे एक-दूसरे से प्यार करती हैं और अपनी इच्छा से घर से निकली थीं। उन्होंने यह भी कहा कि वे बालिग हैं और अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना चाहती हैं।
दोनों का कहना था कि अगर उन्हें अलग किया गया तो वे साथ नहीं रह पाने के कारण अपनी जान देने जैसा कदम उठा सकती हैं। पुलिस ने उनकी बात सुनने के बाद मामले की स्थिति और उनकी उम्र से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की।
साथ रहकर नौकरी करना चाहती थीं
दोनों युवतियों ने बताया था कि उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब वे साथ रहकर नौकरी करना चाहती हैं। परिवार वालों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों अपनी बात पर कायम रहीं।
मामला इसलिए भी चर्चा में आया था क्योंकि दोनों युवतियां अलग-अलग समुदायों से थीं। इस वजह से परिवार और आसपास के लोगों के बीच भी मामले को लेकर काफी हलचल रही।
पुलिस ने कानून के मुताबिक शुरू की कार्रवाई
दोनों के बालिग होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को कानूनी पहलुओं के आधार पर देखा। युवतियों के बयान और उनकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की गई।
यह घटना उस समय इलाके में चर्चा का विषय बन गई थी और इसने व्यक्तिगत पसंद, परिवार की अपेक्षाओं और सामाजिक मान्यताओं को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।



