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झारखंड के थाने में महिला से दुष्कर्म का आरोप, दो और पुलिसकर्मी गिरफ्तार; 5 निलंबित, BJP ने सरकार को घेरा

झारखंड के थाने में महिला से दुष्कर्म का आरोप, दो और पुलिसकर्मी गिरफ्तार; 5 निलंबित, BJP ने सरकार को घेरा

सरायकेला-खरसावां, झारखंड: झारखंड के गम्हरिया थाने में शिकायत लेकर पहुंची एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में पहले एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया था, जबकि रविवार को एक पुलिस उपनिरीक्षक और एक अन्य आरक्षी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह अब तक तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं, गम्हरिया थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

इस घटना ने राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। भाजपा ने विरोध प्रदर्शन करते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने राष्ट्रीय महिला आयोग से मामले में हस्तक्षेप करने और थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है।

पति से विवाद के बाद मदद मांगने थाने पहुंची थी महिला

पुलिस के अनुसार, यह घटना 29 अक्टूबर की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उस दिन शाम को उसका अपने पति से विवाद हुआ था। उसे आशंका थी कि रात में पति उसके साथ मारपीट कर सकता है। इसी डर से वह घर छोड़कर पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के यहां चली गई।

महिला ने मोबाइल फोन के जरिए पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलने के बाद पीसीआर वाहन मौके पर पहुंचा और उसे उसी रात गम्हरिया थाने ले जाया गया। महिला के मुताबिक, थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे आराम करने के लिए एक कमरा दिया था।

कमरे में पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब वह थाने के कमरे में मौजूद थी, तभी वहां तैनात वायरलेस ऑपरेटर कांस्टेबल ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। एसआईटी की रिपोर्ट और पुलिस अधीक्षक के निर्देश के आधार पर रविवार को निलंबित पुलिस उपनिरीक्षक मनोज साहू और आरक्षी संतोष राय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अब तक इस मामले में तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पांच पुलिसकर्मी निलंबित, एसआईटी कर रही जांच

मामले में गम्हरिया थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के दौरान थाने में कौन-कौन ड्यूटी पर मौजूद था और किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई थी या नहीं।

भाजपा ने निकाला विरोध मार्च, सरकार का पुतला फूंका

घटना के विरोध में भाजपा ने गम्हरिया में प्रदर्शन किया। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष गीता कोड़ा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन सरकार का पुतला भी फूंका।

भाजपा नेताओं ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि जब थाने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर ही महिला के साथ इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग से हस्तक्षेप की मांग

जमशेदपुर पूर्व की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर मामले का स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि थाना महिलाओं के लिए न्याय और सुरक्षा पाने की जगह है, न कि डर और शोषण का केंद्र।

पत्र में उन्होंने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने, थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने और पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और निलंबन पर्याप्त नहीं है। यदि किसी पुलिसकर्मी ने लापरवाही बरती है, आरोपियों की मदद की है या सबूत छिपाने की कोशिश की है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल एसआईटी मामले की जांच कर रही है। पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

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