छत्तीसगढ़ के बालोद में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई है. यहां तीन युवकों ने मिलकर एक 13 साल की मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप किया. वारदात के बाद 12 दिनों तक यह बच्ची चुप रही, फिर उसने अपनी मां को पूरा घटनाक्रम बताया. इसके बाद मां ने पुलिस में शिकायत दी. इस शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने तीनों आरोपियों को अरेस्ट किया है. मामला बालोद के रनचिरई थाना क्षेत्र के एक गांव का है.

पुलिस के मुताबिक 14 अक्टूबर को तीन आरोपियों ने इस बच्ची को राह चलते अगवा किया और डरा धमकाकर एक सूनसान मकान में ले जाकर हैवानियत को अंजाम दिया. इस संबंध में पीड़िता की मां ने 27 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दी. पीड़ित बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करते हुए उन्हें अरेस्ट किया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है.
बेहोशी की हालत में मिली थी बच्ची
पीड़िता की मां ने पुलिस को दिए शिकायत में बताया कि उनकी बेटी महज 13 वर्ष तीन महीने की है. वारदात की शाम वह घर से पेन खरीदने के लिए निकली थी. रात करीब आठ बजे तक वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की. इसी दौरान रात में करीब 11 बजे सूचना मिली कि बच्ची गांव के कुछ युवकों द्वारा एक रिश्तेदार के घर बेहोशी की हालत में लाई गई है. इसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया.
12 दिन बाद बताई आपबीती
परिजनों के अनुसार अस्पताल से लौटने के बाद बच्ची चुपचाप और डरीसहमी रहने लगी थी. बार बार पूछने पर भी उसने कुछ नहीं बताया. इसी बीच 26 अक्टूबर को उसने अपनी मां को घटना की जानकारी दी. बताया कि गांव के ही दो युवक उसे डराकर धमकाकर एक घर में ले गए, वह एक अन्य युवक को फोन कर बुलाया और फिर तीनों ने मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया. पीड़िता के मुताबिक वारदात के दौरान ही वह बेहोश हो गई थी. हालांकि बाद में होश में आने पर वह उस मकान से बाहर निकली, लेकिन फिर गिर गई.



