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​5 नाबालिग लड़कियां, 10​​​​​ हजार की नौकरी और 6 साल तक दरिंदगी का खेल… भोपाल में अखबार के पूर्व मालिक को 10 बार उम्रकैद

Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक विशेष अदालत ने 5 नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के हाईप्रोफाइल मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने एक अखबार के पूर्व मालिक को दोषी करार देते हुए 10 अलगअलग मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने उस पर 77.64 लाख का भारीभरकम जुर्माना भी लगाया है.

​5 नाबालिग लड़कियां, 10​​​​​ हजार की नौकरी और 6 साल तक दरिंदगी का खेल… भोपाल में अखबार के पूर्व मालिक को 10 बार उम्रकैद

मामले की सुनवाई कर रही यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण विशेष अदालत ने आरोपी रमेश पाल की मुख्य सहयोगी सलमा बेगम को भी अपराध में मदद करने का दोषी पाते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

8 सजाएं ‘अंतिम सांस तक कारावास’, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी

विशेष लोक अभियोजक पी. एन. सिंह राजपूत ने अदालत के फैसले की जानकारी देते हुए बताया पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत रमेश पाल को कुल 10 उम्रकैद की सजाएं सुनाई गई हैं. इन 10 सजाओं में से 8 सजाएं ऐसी हैं, जिनमें रमेश पाल को अपने शेष जीवन तक जेल में रहना होगा, जबकि 2 अन्य सामान्य उम्रकैद की सजाएं शामिल हैं. अदालत ने निर्देश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

आरोपी रमेश पाल की आपराधिक गतिविधियों में मदद करने, नाबालिग लड़कियों को बहलाफुसलाकर लाने और साजिश में शामिल रहने के लिए सहआरोपी सलमा बेगम को 20 साल की जेल की सजा दी गई है.

10,000 की नौकरी का लालच देकर 2014 से बना रहा था शिकार

अभियोजन पक्ष की जांच में आरोपी के खौफनाक और घिनौने कारनामों की पूरी कार्यप्रणाली उजागर हुई है. रमेश पाल वर्ष 2014 से ही गरीब व असहाय परिवारों की नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा था. वो पीड़ित लड़कियों को 10,000 मासिक वेतन पर नौकरी देने का झांसा देता था. नौकरी के बहाने अपने पास बुलाकर वह उन नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण करता था और उनके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देता था. इस पूरे काम में सलमा बेगम उसकी मददगार बनी हुई थी.

जुलाई 2020 में यूं खुला था मामला; जन्मदिन पार्टी के बहाने बुलाया था फ्लैट

इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा जुलाई 2020 में हुआ था. 11 जुलाई 2020 को एक काउंसलिंग सत्र के दौरान एक पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपनी आपबीती सुनाई. पीड़िता ने बताया कि उसे भोपाल के पॉश शाहपुरा इलाके में स्थित एक फ्लैट में एक लड़की का जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था. फ्लैट पर पहुंचने के बाद नाबालिग पीड़िता को जबरन शराब पिलाई गई और उसके बाद रमेश पाल ने उसके साथ यौन उत्पीड़न व दुष्कर्म किया.

एक पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो कई अन्य नाबालिग लड़कियों ने भी सामने आकर रमेश पाल और सलमा द्वारा किए गए अपने शोषण की आपबीती सुनाई.

पुलिस जांच और अदालत में शिकंजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी. विशेष लोक अभियोजक पी. एन. सिंह राजपूत के अनुसार, पुलिस की विशेष टीम ने मामले की गहन तफ्तीश की और साक्ष्य जुटाकर अखबार के पूर्व मालिक प्यारे मियां को गिरफ्तार कर लिया. प्यारे मियां के साथसाथ उसकी सहयोगी राबिया बी और अन्य साथियों के खिलाफ भी अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई और मुकदमा चलाया गया. अदालत ने सभी गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध पाए जाने पर आरोपी को ऐतिहासिक सजा सुनाकर समाज में कड़ा संदेश दिया है.

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