नई दिल्ली : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुए PG हादसे के मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बुधवार को दिल्ली पुलिस ने PG संचालित करने वाले बिजनेस पार्टनर्स शुभम त्यागी और सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अगस्त 2025 में हादसे वाली इमारत को लीज पर लेकर वहां PG संचालित करना शुरू किया था।

इससे एक दिन पहले मंगलवार को पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया था। इससे पहले पुलिस ने PG की इमारत के मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया था कि शुभम और सुधांशु ने इमारत लीज पर लेकर PG चलाया था।
6 सितंबर को PG की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जबकि 5 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू की और खतरनाक घोषित की गई इमारतों को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी।
मंगलवार को हादसे वाली इमारत से सटी एक खतरनाक इमारत को भी गिराया गया। इस इमारत में गर्ल्स PG संचालित हो रहा था। हादसे के तुरंत बाद इसे खाली करा लिया गया था।
सोमवार रात आरोपी हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
पुलिस रिमांड के दौरान महेश गुप्ता ने जांच अधिकारी को बताया कि PG संचालित करने वाली कंपनी की शिकायत के बाद बेसमेंट में पानी भरने और सीलन की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा था।
बताया गया है कि बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर इमारत की संरचना के कारण भवन अचानक भरभराकर गिर गया। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
सत्य निकेतन PG हादसे का मामला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया। सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने संकेत दिया कि अदालत इस मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की भी समीक्षा कर सकती है। मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अजीत सिन्हा ने 6 सितंबर को हुई सत्य निकेतन दुर्घटना का उल्लेख किया। सिन्हा अवैध और असुरक्षित भवनों से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत की सहायता कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहले भी देशभर में अवैध और असुरक्षित इमारतों को लेकर दिशानिर्देश जारी कर चुका है। अब अदालत उन निर्देशों के पालन की स्थिति की समीक्षा करना चाहती है। ऐसे में सत्य निकेतन हादसे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को देशभर में भवन सुरक्षा के मुद्दे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



