
लखनऊ, अमृत विचार: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी रहे स्वर्गीय वीरेश्वर द्विवेदी की तीसरी पुण्यतिथि पर शुक्रवार को निराला नगर स्थित माधव सभागार में स्मृति सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने वीरेश्वर द्विवेदी से अपने युवाकाल से लेकर उनके अंतिम समय तक जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि वीरेश्वर जी की प्रेरणा आज भी सभी का मार्गदर्शन करती है।
डिप्टी सीएम ने घोषणा की कि लखनऊ में जल्द ही किसी पार्क अथवा स्थल का नाम वीरेश्वर द्विवेदी की स्मृति में रखने के लिए वह संस्तुति करेंगे। साथ ही उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित कराई जाएगी। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख और लंबे समय तक वीरेश्वर द्विवेदी के साथ काम कर चुके स्वान्त रंजन ने उनके जीवन और कार्यशैली को याद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र कार्य और संघ कार्य के लिए जहां, जब और जैसी आवश्यकता हो, कठिन से कठिन क्षेत्र में जाने की तैयारी वीरेश्वर जी की प्रवृत्ति थी। उन्होंने अपना जीवन निजी हितों के बजाय भारत माता के लिए समर्पित किया।
स्वान्त रंजन ने ‘राष्ट्रधर्म’ पत्रिका का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और वचनेश जी जैसी गरिमामयी परंपरा को वीरेश्वर द्विवेदी ने पूरे मनोयोग और दक्षता के साथ आगे बढ़ाने का काम किया।
पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद अशोक वाजपेयी ने कहा कि वीरेश्वर द्विवेदी का व्यक्तित्व विराट था और उनमें हर व्यक्ति को अपना बनाने की क्षमता थी। इस अवसर पर संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं विद्या भारती के संरक्षक पद्मश्री ब्रह्मदेव शर्मा ‘भाई जी’ को वीरेश्वर द्विवेदी की स्मृति में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद पौधरोपण किया गया और उपस्थित लोगों को गीता तथा तुलसी के पौधे वितरित किए गए। संचालन शरद जगदीश मिश्र ने किया।
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