
लखनऊ, अमृत विचार: अतिवृष्टि प्रभावित चित्रकूट का दौरा कर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समीक्षा बैठक में राहत, पुनर्वास और बाढ़ से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने और फसल व मकान क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण चिन्हित कर नियमानुसार हटाने को कहा। इसके लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद करने के निर्देश दिए। घाटों के विस्तार की कार्ययोजना बनाने के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदाकिनी में किसी भी दशा में सीवर और नालों का पानी नहीं जाना चाहिए। संबंधित विभागों को समन्वय से ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
मंदाकिनी पर बने फुट ओवरब्रिज का पीडब्ल्यूडी से सेफ्टी ऑडिट कराने और जरूरी सुधार तत्काल कराने के निर्देश दिए। चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट तक निर्माणाधीन मार्ग का काम विजयादशमी से पहले पूरा कराने तथा देरी के कारणों की समीक्षा कर जवाबदेही तय करने को कहा।
सीएम ने शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे में पूरा कराने, पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने और आंशिक क्षति वाले मकानों की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ के बाद साफसफाई, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
व्यापारियों और मठमंदिरों के नुकसान का भी सर्वे
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के प्रभावित व्यापारियों और मठमंदिरों को हुए नुकसान का आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गोशालाओं में पर्याप्त चारे की व्यवस्था और पशुओं को लंपी रोग से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध करने को भी कहा।
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