
हरदोई, अमृत विचार। यूपी के हरदोई जिले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे बाल विकास पुष्टाहार में आंगनबाड़ी कार्यकत्री की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। शाहाबाद ब्लॉक के घियरई आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात रही कार्यकत्री सुनीता देवी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विभागीय जांच में नौकरी के लिए लगाए गए दस्तावेज फर्जी और कूटरचित पाए जाने के बाद उनकी संविदा सेवाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं। अब जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शाहाबाद ब्लॉक के घियरई आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यरत रहीं सुनीता देवी पत्नी अरुण कुमार सिंह, निवासी रामपुर हमजा के खिलाफ सीडीपीओ निशा सिंह ने तहरीर दी। शिकायत में कहा गया है कि सुनीता देवी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद पर नियुक्ति के लिए जो दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, विभागीय जांच के दौरान वे फर्जी और कूटरचित पाए गए।
जांच में फर्जी मिले नौकरी के दस्तावेज
दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने सुनीता देवी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वह लंबे समय तक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर सेवाएं देती रहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उनकी मानदेय सेवाएं समाप्त करने के साथ ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
पहले खत्म हो चुकी थी संविदा सेवा
डीपीओ की ओर से 10 अगस्त को सुनीता देवी की आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर संविदा सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद डीएम के आदेश के अनुपालन में सीडीपीओ निशा सिंह ने शनिवार को पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुनीता देवी के खिलाफ बीएनएस की धारा 338, 336 , 318 और 340 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और नियुक्ति के दौरान लगाए गए दस्तावेजों समेत अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
सकाहा के बाद अब घियरई का मामला
हरदोई में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति का यह मामला बावन ब्लॉक के सकाहा के बाद सामने आया है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने आंगनबाड़ी नियुक्तियों में दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।


