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​लूट-हत्या की कोशिश… 40 साल तक पुलिस को छकाया, बरेली में पागलदास बनकर काट रहा था जिंदगी

Kanpur crime news: उत्तर प्रदेश के कानपुर में करीब चार दशक पहले लूट और हत्या के प्रयास के मामले में दस साल की सजा पाने वाला रामप्रकाश आखिरकार पुलिस के हाथ लग गया. 1986 में सजा सुनाए जाने के बाद वह हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर आया था, लेकिन इसके बाद अचानक गायब हो गया. पुलिस उसे तलाशती रही और वह अपनी पहचान बदलकर बरेली में रहने लगा. सबको चकमा देने के लिए उसने अपना नाम पागलदास रख लिया.

​लूट-हत्या की कोशिश… 40 साल तक पुलिस को छकाया, बरेली में पागलदास बनकर काट रहा था जिंदगी

फजलगंज पुलिस के मुताबिक, वर्ष 1984 में लूट और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था. जांच के दौरान पुलिस ने काकादेव के पते पर रहने वाले रामप्रकाश को गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ फजलगंज थाने में दो अन्य मुकदमे भी दर्ज थे. वर्ष 1986 में सेशन कोर्ट ने उसे दस साल की सजा सुनाई. सजा के बाद उसने हाई कोर्ट से जमानत हासिल कर ली. जेल से बाहर आने के बाद वह दोबारा अदालत के सामने नहीं पहुंचा. जब उसकी तलाश शुरू हुई तो पुलिस को पता चला कि जमानत के दौरान दिए गए पते और जमानतदारों की जानकारी भी फर्जी थी.

पुलिस को कैसे लगी भनक?

जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि रामप्रकाश मूल रूप से कन्नौज के गुरसहायगंज का रहने वाला है. पुलिस ने वहां करीब दो महीने तक उसके संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाई. इसी दौरान एक ग्राम प्रधान से पुलिस को अहम सुराग मिला. प्रधान और रामप्रकाश के बीच पहले से विवाद बताया जाता है. उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि रामप्रकाश बरेली में कहीं रह रहा है.
इसके बाद पुलिस ने उसके परिवार से जुड़े मोबाइल नंबरों की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की. आखिरकार उसकी लोकेशन बरेली के गजनेरा गांव के आसपास मिली.

नाम बदलकर पागलदास रखा

पुलिस जब वहां पहुंची तो रामप्रकाश की पहचान करना आसान नहीं था. उसने अपना नाम बदलकर पागलदास रख लिया था और जंगल के पास एक कुटिया बनाकर रह रहा था. स्थानीय लोगों के बीच उसका अच्छा खासा प्रभाव भी था. पुलिस के अनुसार, वह भेष बदलकर वर्षों से इसी पहचान के साथ रह रहा था. रविवार को पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. बताया गया है कि रामप्रकाश अब कैंसर से भी पीड़ित है. करीब 40 साल तक कानून से दूर रहने के बाद आखिरकार पुराने मामले में उसे फिर पुलिस के सामने आना पड़ा.

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