उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब बेहद रोचक होता नजर आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों ही अपने तय कोटे से एक अतिरिक्त प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी में हैं. ऐसे में अगर दोनों तरफ से अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाते हैं तो राज्यसभा चुनाव में मतदान तय माना जा रहा है.

समाजवादी पार्टी अपने तीसरे प्रत्याशी के नाम का खुलासा नामांकन के आखिरी दिन यानी मंगलवार को कर सकती है. सपा के सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीसरे प्रत्याशी का नाम तय कर लिया है और उसके लिए नामांकन पत्र भी तैयार करा लिया गया है. हालांकि पार्टी नेतृत्व बीजेपी की चुनावी रणनीति पर नजर बनाए हुए है. बीजेपी के प्रत्याशियों और उनकी संख्या सामने आने के बाद ही सपा अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा करेगी.
बीजेपी की चाल के बाद सपा खोलेगी पत्ता
सपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने अपने तीसरे प्रत्याशी को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली है. फिलहाल नेतृत्व बीजेपी के कदम का इंतजार कर रहा है. संभावना है कि सपा सोमवार को अपना तीसरा नाम सामने ला सकती है, लेकिन सबसे ज्यादा संभावना नामांकन के अंतिम दिन मंगलवार को पत्ता खोलने की है.
इससे पहले सपा अपने दो प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी है. इनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस समूह के कंसल्टेंट धनराज नाथवानी शामिल हैं.
निर्विरोध चुनाव या फिर होगा मतदान?
मौजूदा समीकरणों के मुताबिक अगर सपा दो और बीजेपी आठ प्रत्याशियों तक ही सीमित रहती है तो सभी 10 सीटों पर चुनाव निर्विरोध हो जाएगा. लेकिन किसी भी पक्ष की तरफ से एक भी अतिरिक्त प्रत्याशी उतारे जाने की स्थिति में मतदान कराना होगा.
राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी को जीत के लिए 36 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होगी. सपा का दावा है कि उसके साथ वर्तमान में जितने विधायक हैं, उनके मतों को जोड़ने के बाद तीसरे प्रत्याशी की जीत के लिए उसे करीब पांच अतिरिक्त मतों की ही जरूरत पड़ेगी. पार्टी का दावा है कि इन अतिरिक्त मतों के लिए सत्ताधारी गठबंधन के कुछ विधायक उसके संपर्क में हैं.
6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. यानी मंगलवार तक सभी दलों को अपने प्रत्याशियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी. इस चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं. मौजूदा विधानसभा संख्या और विधायकों की स्थिति को देखते हुए अधिकतम करीब 393394 वोट पड़ने की संभावना है. इसी संख्या के आधार पर राज्यसभा की 10 सीटों के लिए जीत का गणित तय होगा.


