देश का इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन अगस्त में आठ प्रतिशत बढ़ा, जबकि जुलाई में इसमें 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन और बिजली एवं गैस आपूर्ति में मजबूत वृद्धि से इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन को गति मिली. सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई. यह नई सीरीज के तहत जारी इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन इंडेक्स का पांचवां मासिक आंकड़ा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन को लेकर सरकार की ओर से किस तरह का डाटा जारी किया गया है.

अगस्त में कुछ इस तरह के रहे आंकड़े
- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक, अगस्त महीने में आईआईपी में सालाना आधार पर आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 9 फीसदी और बिजली एवं गैस सप्लाई सेक्टर 12.3 फीसदी बढ़ा.
- आंकड़ों के अनुसार, माइनिंग एवं संबद्ध सेक्टर में अगस्त के दौरान 5.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में इस क्षेत्र का उत्पादन 15.8 प्रतिशत बढ़ा था.
- अगस्त, 2025 में देश के इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन इंडेक्स में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. वहीं, इस साल जुलाई के आईआईपी आंकड़े को पहले जारी 6.7 प्रतिशत के अस्थायी अनुमान से संशोधित कर 7.4 प्रतिशत कर दिया गया है.
- चालू वित्त वर्ष में अप्रैलअगस्त के दौरान आईआईपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 4.2 प्रतिशत रही थी.
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के 23 में से 18 उद्योग समूहों में अगस्त में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई. इस दौरान वाहन, ट्रेलर एवं सेमीट्रेलर के विनिर्माण में 25.2 प्रतिशत, विद्युत उपकरण विनिर्माण में 30.9 प्रतिशत और अन्य परिवहन उपकरण विनिर्माण में 25.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
- वाहन, ट्रेलर एवं सेमीट्रेलर विनिर्माण समूह के तहत वाहन कलपुर्जों, सहायक उपकरणों, यात्री कारों तथा वाणिज्यिक वाहनों ने वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान दिया.
- विद्युत उपकरण विनिर्माण में विद्युत सर्किट को बदलने या सुरक्षित रखने वाले उपकरणों, जैसे स्विचगियर, सर्किट ब्रेकर, स्विच तथा नियंत्रण एवं मीटर पैनल और उनके कलपुर्जों के अलावा ऑप्टिकल फाइबर एवं केबल के कनेक्टर, यूपीएस तथा सॉलिडस्टेट ड्राइव ने वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
- अन्य परिवहन उपकरण विनिर्माण में दोपहिया वाहनों, रेलवे के डिब्बों एवं कलपुर्जों, रखरखाव या सेवा वाहनों तथा मोटरसाइकिल, मोपेड और साइडकार के कलपुर्जों एवं सहायक उपकरणों ने वृद्धि में योगदान दिया.
इनमें भी दिखा उछाल
यूज बेस्ड क्लासिफिकेशन के अनुसार, अगस्त में प्राइमरी प्रोडक्ट्स का इंडेक्स 111.8, कैपिटल गुड्स का 140.7, इंटरमीडिएट गुड्स का 131.8 और बेसिक इंफ्रा एवं कंसट्रक्शन प्रोडक्ट्स का 132.5 रहा. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और नॉन कंज्यूमर ड्यूरेबल्स गुड्स के इंडेक्स क्रमशः 129.4 और 114.3 रहे. अगस्त, 2026 में यूज बेस्ड क्लासिफिकेशन के तहत प्राइमरी गुड्स में 3.5 प्रतिशत, कैपिटल गुड्स में 16.9 प्रतिशत, इंटरमीडिएट गुड्स में 13.7 प्रतिशत, बेसिक इंफ्रा एवं निर्माण वस्तुओं में 6.4 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स गुड्स में 11.1 प्रतिशत और नॉन कंज्यूमर ड्यूरेबल्स गुड्स में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई. आईआईपी की वृद्धि में मध्यवर्ती वस्तुओं, पूंजीगत वस्तुओं और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का सबसे अधिक योगदान रहा.



