Noida News: नोएडा प्राधिकरण ने नोएडाग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सेक्टर148 और सेक्टर150 के बीच आर्क टाइप फ्लाईओवर के निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. नोएडा प्राधिकरण अब इस डीपीआर को तकनीकी जांच और मंजूरी के लिए आईआईटी रुड़की भेजेगा. आईआईटी से हरी झंडी मिलते ही फ्लाईओवर के निर्माण की निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए. के. अरोड़ा के अनुसार, इस परियोजना पर करीब 84 करोड़ 16 लाख का खर्च आएगा. काम शुरू होने के बाद इसे डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. ये फ्लाईओवर चार लेन का होगा. इसकी कुल लंबाई 610 मीटर और चौड़ाई साढ़े नौ मीटर होगी. इसमें 545 मीटर लंबी सर्पिल आकार की एप्रोच रोड बनाकर इसे सर्विस रोड से जोड़ा जाएगा.
फ्लाईओवर का मुख्य आकर्षण इसका धनुषाकार स्टील स्पैन होगा. एक्सप्रेसवे के ऊपर करीब 65 मीटर लंबा स्टील स्पैन दिया जाएगा. एक्सप्रेसवे की चलती सड़क पर बीच में कोई पिलर नहीं होगा , जिससे निर्माण के दौरान भी एक्सप्रेसवे का यातायात प्रभावित नहीं होगा.
6 सेक्टरों की 2 लाख आबादी को सीधी कनेक्टिविटी, जाम से मिलेगी राहत
इस ग्रेड सेपरेटर फ्लाईओवर के बनने से सेक्टर148, 149, 150, 151, 152 और 153 के बीच निर्बाध और सीधी सड़क कनेक्टिविटी स्थापित होगी. वर्तमान और आने वाले समय में इन सेक्टरों में रहने वाली करीब 2 लाख से अधिक की आबादी को इस फ्लाईओवर से सीधा लाभ मिलेगा और एक्सप्रेसवे पार करने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा.
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स्पोर्ट्स सिटी और 30 हजार प्रस्तावित फ्लैट्स का बढ़ता दबाव
सेक्टर150, 151 और 152 ‘स्पोर्ट्स सिटी’ परियोजना के अंतर्गत आते हैं. इन तीनों सेक्टरों में 30,000 से अधिक फ्लैट और हजारों प्लॉट प्रस्तावित हैं. इनमें से कई सोसायटियों में लोग रहने आ चुके हैं और अगले 34 वर्षों में आबादी और वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ने वाला है. वहीं, सेक्टर148 व 149 जैसे औद्योगिक व आवासीय क्षेत्रों में भविष्य में जाम की स्थिति न बने, इसे ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने इस फ्लाईओवर के निर्माण का समय रहते निर्णय लिया है.



