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​क्या स्मोकिंग की वजह से हमारी स्किन होने लगती है डल? डर्माटोलॉजिस्ट से जानें

स्मोकिंग का असर हमारी स्किन पर साफ दिखाई देता है. लंबे समय से स्मोकिंग वालो की स्किन धीरेधीरे डल, ड्राई और बेजान नजर आने लगती है. इसके साथ ही समय से पहले झुर्रियां और फाइन लाइन्स भी दिखाई देने लगती हैं. स्मोकिंग प्रीमैच्योर स्किन एजिंग से जुडी है. सिगरेट के धुएं में बहुत से हार्मफुल चीजें होती हैं जो बॉडी में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं जिससे स्किन सेल्स को नुकसान पहुंचता है.

​क्या स्मोकिंग की वजह से हमारी स्किन होने लगती है डल? डर्माटोलॉजिस्ट से जानें

डॉ महक गुप्ता समोकंग स्किन तक पहुंचने वाले ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन सपप्लू को इम्पैक्ट करती है. जब स्किन को ऑक्सीजन और नुट्रिएंट्स नहीं मिलते, तो उसकी नेचुरल रिपेयर प्रोसेस पर भी असर पढ़ता है और चेहरा दुल्ल और थका हुआ दिखाई देता है.

स्किन की फर्मनेस और इलास्टिसिटी को बनाए रखने में कोलेजन और इलास्टिन काम आते है. स्मोकिंग कोलेजन बनने की प्रोसेस को कम कर सकती है और ऐसे एंजाइम्स की एक्टिविटी बढ़ा सकती है जो कोलेजन को तोड़ते हैं. इसका असर वक्त के साथ स्किन की इलास्टिसिटी कम होने, फाइन लाइन्स और रिंकल्स बढ़ने के रूप में दिखाई दे सकता है.

स्मोकिंग करने वाले लोगों में स्किन का टेक्सचर रफ़ या ड्राई हो जाता है. चेहरे पर अनइवन कॉम्पलेक्शन, ग्रेइश या डल अपीयरेंस, आंखों के आसपास फाइन लाइन्स और होंठों के आसपास रिंकल्स दिखाई देते हैं. इन बदलावों को अक्सर “स्मोकर फेस” से जोड़ा गया है.

स्मोकिंग वुंड्स के हीलिंग प्रोसेस को भी धीमा कर देती है जिससे स्किन को चोट, सर्जरी या प्रोसीजर के बाद रिकवर होने में ज्यादा समय लग सकता है. स्किनकेयर स्किन को हेल्दी रखने में मदद करती है, लेकिन स्मोकिंग से होने वाले नुकसान को पूरी तरह न्युट्रिलाइस नहीं कर सकती.

स्किन हेल्थ सुधारने के लिए स्मोकिंग छोड़ना बहुत ज़रूरी है. इसके साथ रोजाना ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन, क्लीन्ज़र, और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करे. डाइट में फल, सब्ज़ी और प्रोटीन ले और ओवरआल स्किन का ख्याल रखे.

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