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​Fake Loan App Alert: Low Interest Rate के चक्कर में किसी भी ऐप से ना लें लोन, लोन लेने से पहले करें ये जरुरी काम

Fake Loan Alert: आजकल मोबाइल और सोशल मीडिया पर कई विज्ञापन ऐसे आते हैं, जो कि आसानी से लोन दिलाने की बात करते हैं। ऐसे में कुछ लोग उनकी बातों में आ जाते हैं। कई बार कम कार्रवाई, तुरंत अपरूवल और कम ब्याज जैसे ऑफर का लालच देख कर लोग बिना सोचे समझे किसी भी लिंक में क्लिक कर देते हैं और बिना जांचपड़ताल के कोई भी ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। ऐसे में मिनटों में लोन मिलने का लालच कई बार लोगों को मुसीबत में डाल सकता है। 

​Fake Loan App Alert: Low Interest Rate के चक्कर में किसी भी ऐप से ना लें लोन,  लोन लेने से पहले करें ये जरुरी काम

मासूम लोगों से ऐसे करते हैं ठगी 

कई लोग मासूम लोगों का फायदा उठाते हुए और वो लोन देने के लिए अपनी बातों में ऐसे फंसाते हैं कि जैसे वो असली में लोन देने वाले हैं। ऐसे में वो फर्जी लोन ऐप के जरिए आधार, पेन, बैंक से जुड़ी जैसी पर्सनल जानकारियां मांग ले लेते हैं। इसलिए किसी भी डिजिटल लोन को लेने से पहले उस ऐप या कंपनी के बारें में जानना जरुरी है कि वो जो दावे कर रहें हैं, वो कितने सही हैं।

Loan App का Lender पहले Verify करें

अगर आप किसी ऐप के जरिए लोन लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि उसके पीछे कौनसा बैंक या NBFC काम कर रहा है या नहीं। ऐप पर लेंडर का नाम, ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्ज साफसाफ नहीं दिए गए हों या फिर बिना सही Credit Assessment के तुरंत लोन मिलने का दावा किया जा रहा हो, तो सावधान हो जाना चाहिए। 

सिर्फ Google Play Store या App Store पर किसी ऐप का मौजूद होना उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। डाउनलोड करने से पहले Developer Name, Privacy Policy, Customer Support और User Reviews जरूर देखें। साथ ही ऐप में दी गई जानकारी को संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की Official Website से मिलान करना भी जरूरी है।

RBI से करें Verification 

लोन देने वाली संस्था बैंक है या NBFC , इसकी पुष्टि RBI के आधिकारिक स्रोतों से की जा सकती है। यह भी देखना जरूरी है कि Digital Lending App किसी Regulated Entity से जुड़ा हुआ है या नहीं। केवल किसी बड़े बैंक या फाइनल इंस्ट्यूशन का नाम या लोगो देखकर ऐप को असली नहीं मान लेना चाहिए। 

वहीं अगर कोई लोन ऐप कॉन्टैक्ट, Call Logs या Media Files जैसी अतिरिक्त Permissions मांगता है, तो पहले समझें कि लोन प्रोसेस के लिए इनकी जरूरत क्यों है। KYC के दौरान Camera Access जैसी कुछ परमिशन जरूरी हो सकती हैं, लेकिन हर अनुमति का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए।

Low Interest Rate के चक्कर में न करें जल्दबाजी

सिर्फ कम Interest Rate देखकर तुरंत लोन लेने का फैसला नहीं करना चाहिए। ब्याज के साथ प्रोसेसिंग फीस, दूसरे चार्जिस, लोन टेनयोर, रिपेमेंट शेड्यूल और कुल चुकाई जाने वाली रकम जरूर देखें। कई बार कम ब्याज वाला लोन अतिरिक्त शुल्क जुड़ने के बाद महंगा पड़ सकता है।

इसी तरह Aadhaar और PAN जैसी Sensitive Information देने से पहले यह जान लें कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाएगा। प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ने के बाद ही अपनी पर्सनल डिटेल साझा करें और ऐसी जानकारी केवल बैंक या लेंडर के ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही दर्ज करें।

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