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​Jio IPO पर टूटे विदेशी निवेशक, $20 अरब से ज्यादा का मिला रिस्पांस

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी के टेलीकॉम और डिजिटलसर्विसेज बिजनेस का आईपीओ अगले हफ्ते लॉन्च होने की उम्मीद है. इसके लिए ग्लोबल और घरेलू निवेशक लाइन में लगे हैं और जियो प्लेटफॉर्म्स को 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बोलियां मिली हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, फिडेलिटी, एलियांज और कैपिटल ग्रुप जैसे ग्लोबल निवेशकों के साथसाथ अन्य विदेशी और स्थानीय संस्थानों ने भी इस ऑरिंग में दिलचस्पी दिखाई है. एंकर निवेशकों की आखिरी लिस्ट आने वाले दिनों में तय होने की उम्मीद है, हालांकि यह प्रक्रिया अभी चल रही है और कोई आखिरी फ़ैसला नहीं लिया गया है.

​Jio IPO पर टूटे विदेशी निवेशक,  अरब से ज्यादा का मिला रिस्पांस

यह मजबूत दिलचस्पी तब देखी जा रही है जब जियो की वैल्यूएशन को पहले की ज्यादा आक्रामक उम्मीदों से बदलकर नया रूप दिया गया है. रॉयटर्स की पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती अनुमान 170 बिलियन डॉलर तक पहुंचने के बाद, जियो प्लेटफॉर्म्स अब 10.3 लाख करोड़ रुपए या लगभग 106 बिलियन डॉलर तक की वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रहा है.

उम्मीद की जा रही प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, जियो का IPO लगभग 30,200 करोड़ रुपए जुटा सकता है. इससे यह 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 27,900 करोड़ रुपए के इश्यू से आगे निकल जाएगा और भारतीय बाजार के इतिहास में सबसे बड़ा IPO बन जाएगा.

रिलायंस जियो IPO की संभावित तारीखें और लिस्टिंग

इश्यू के अगले हफ़्ते और 30 अक्टूबर से पहले खुलने की उम्मीद है. औपचारिक प्राइस बैंड की घोषणा अभी बाकी है. रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि जियो इश्यू की कीमत 1,0651,119 रुपए प्रति शेयर तय कर सकता है, जिसका मतलब है कि वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपए होगी.

उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से नया इश्यू होगा. इसका मतलब है कि मौजूदा निवेशकों, जिनमें मेटा प्लेटफ़ॉर्म्स, अल्फाबेट का गूगल, मुबाडाला और सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड शामिल हैं, के इस ऑफरिंग में शेयर बेचने की उम्मीद नहीं है. इस स्ट्रक्चर का मतलब यह भी है कि इससे मिलने वाली रकम मौजूदा शेयरधारकों के बजाय जियो प्लेटफॉर्म्स को जाएगी.

जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग इस साल भारत के प्राइमरी मार्केट में सबसे बड़ी घटना बन गई है. कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के टेलीकॉम और डिजिटल बिज़नेस को संभालती है, जिसमें मोबाइल सर्विसेज़, फ़िक्स्ड ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सेवाएं शामिल हैं. इसे रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे और जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी लीड कर रहे हैं.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, आकाश अंबानी हाल के हफ़्तों में हांगकांग, लंदन और न्यूयॉर्क में इन्वेस्टर्स के साथ मीटिंग्स कर रहे हैं. जियो को सिर्फ एक टेलीकॉम ऑपरेटर से कहीं ज्यादा के तौर पर पेश किया जा रहा है. रिलायंस इसे एक बड़े टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के तौर पर स्थापित करना चाहती है. लेकिन मार्केट इसकी वैल्यूएशन की तुलना टेलीकॉम कैश फ्लो, प्रति यूजर औसत रेवेन्यू, 5G से कमाई, ब्रॉडबैंड ग्रोथ और कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर मुनाफ़े वाली डिजिटल सर्विस बनाने की क्षमता से करेगा.

ग्रे मार्केट में हलचल तेज

लॉन्च से पहले ग्रे मार्केट में भी हलचल तेज हो गई है. अनौपचारिक ट्रेड में प्रति शेयर लगभग 170180 रुपए का प्रीमियम बताया जा रहा है, जो रिपोर्ट की गई प्राइस बैंड की संभावित ऊपरी सीमा से लगभग 1516 फीसदी ज्यादा है. ग्रे मार्केट की कीमतें अनौपचारिक होती हैं और प्राइस बैंड, एंकर बुक और इश्यू की अंतिम डिटेल्स की घोषणा होने पर तेजी से बदल सकती हैं.

यह वैल्यूएशन जियो के 2020 के प्राइवेट फंड रेज़िंग राउंड की तुलना में काफी ज्यादा है. ज्यादातर फाइनेंशियल और सॉवरेन इन्वेस्टर्स ने लगभग 4.91 लाख करोड़ रुपए की इक्विटी वैल्यूएशन पर जियो प्लेटफ़ॉर्म्स में निवेश किया था, जबकि गूगल ने लगभग 4.36 लाख करोड़ रुपए की इक्विटी वैल्यूएशन पर निवेश किया था. प्रस्तावित IPO वैल्यूएशन उन स्तरों से दोगुने से भी ज्यादा है, हालांकि यह पहले बनी सबसे ज्यादा उम्मीदों से कम है.

ब्रोकरेज फ़र्म्स ने मोटे तौर पर जियो की वैल्यू 10 लाख करोड़ रुपए से 11 लाख करोड़ रुपए के दायरे में आंकी है. मोतीलाल ओसवाल ने जियो प्लेटफ़ॉर्म्स की वैल्यू लगभग 11 लाख करोड़ रुपए आंकी है, जबकि नोमुरा ने IPO इक्विटी वैल्यू को 9.8 लाख करोड़ रुपए से 10.3 लाख करोड़ रुपए के दायरे में रखा है.

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