
हरदोई, अमृत विचार। अमित और नरगिस के बीच शुरु हुआ प्यार इस तरह परवान चढ़ा कि सुनने वाले भी सन्न रह गए। प्यार के बीच खड़ी बंदिश की दीवार फांद कर दोनों एक तो हुए लेकिन कुछ ही दिनों तक साथसाथ रहे और फिर साथसाथ ही मौत को गले लगा लिया। लखनऊ के रेड बिल्डिंग गेस्ट हाउस का कमरा नंबर101 उनकी मौत का गवाह बन गया। इधर अमित और नरगिस के घर वालों को हकीकत पता चली तो उनके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गई।
कहानी लखनऊ के चिनहट इलाके के रेड बिल्डिंग गेस्ट हाउस के कमरा नंबर101 की है। बुधवार को उस कमरे में एक युवक और एक युवती के शव पाए गए थे। उनकी पहचान अमित यादव और नरगिस के रूप में हुई। दोनों 23 अगस्त को वहां ठहरने आए थे, उनके पास पड़े बैग में आर्य समाज मंदिर से शादी करने का सर्टिफिकेट, जिसमें अमित यादव के साथ पूजा नाम लिखा था।
माना जा रहा है कि नरगिस ने ही अपना नाम पूजा दर्ज कराया होगा, उसके अलावा कुछ ज़रूरी सामान रखा था, पास में सुसाइट नोट भी रखा हुआ था, जिसमे लिखा था कि वे अपनी मर्ज़ी से आत्महत्या कर रहें है, किसी को बेवजह परेशान न किया जाए। गेस्ट हाउस के संचालक राकेश यादव की सूचना पर पहुंची चिनहट थाने की पुलिस ने दोनों शवों को कब्ज़े में लेते हुए जांच शुरू कर दी।
मेडिकल स्टोर पर सेल्समैन था अमित
बताते है कि अरवल थाने के करनपुर का रहने वाला अमित यादव पुत्र ओमप्रकाश हरपालपुर थाने के पलिया पंचशाला में संदीप के मेडिकल स्टोर पर सेल्समैन था, वहीं सामने उस्मान का मकान है, उस्मान की 19 वर्षीय पुत्री नरगिस इण्टर कर चुकी थी, वह अपने दोनो भाइयों से छोटी थी। आमनेसामने होते हुए दोनों की आंखे चार हुई और प्यार हो गया। 21 अगस्त को अमित हरिद्वार जाने की बात कह कर घर से निकला था, उसी दिन से नरगिस भी गायब थी। उसके पिता उस्मान ने 23 अगस्त को अमित के खिलाफ पुत्री का अपहरण करने का केस दर्ज कराया था।
प्रेम में आई बंदिशों को बताया जा रहा मौत की वजह, जांच जारी
माना जा रहा है कि प्यार में आड़े आ रही बंदिश की दीवार के चलते दोनों ने ऐसा कदम उठाया, फिलहाल लखनऊ पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। इधर दोनों के घर वाले उनकी तलाश में जुटे हुए थे, लेकिन उसी बीच लखनऊ से आई खौफनाक खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।



