Jaisalmer News: राजस्थान के जैसलमेर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी का है. यहां सोनू कंवर और उनके 16 वर्षीय बेटे दक्षवर्धन ने अलगअलग कमरों में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए. सुसाइड के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा और शोक का माहौल व्याप्त है.

जानकारी के मुताबिक, 38 वर्षीय सोनू कंवर का शव मकान के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कमरे में चुन्नी के फंदे से लटका मिला. जबकि 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे दक्षवर्धन का शव फर्स्ट फ्लोर के कमरे में रस्सी के फंदे से झूलता पाया गया. शनिवार सुबह करीब 5 बजे दक्षवर्धन ने गांधी कॉलोनी में रहने वाले अपने चाचा दौलत सिंह को फोन मिलाया था, लेकिन उस समय चाचा फोन नहीं उठा सके थे. सुबह करीब 6 बजे जब दूधवाला आया, तो पड़ोसन ने सोनू कंवर को कॉल किया. तब बेटे दक्षवर्धन ने ही फोन उठाकर कहा था कि “आंटी, आज दूध नहीं लेना है, हम गांव जा रहे हैं.”
खिड़की तोड़कर घर में घुसे परिजन, 3 साल पहले हुई थी पिता की मौत
दोपहर 12:30 बजे के करीब जब चाचा दौलत सिंह दोबारा फोन लगाने पर संपर्क नहीं कर पाए, तो वे घर पहुंचे. अंदर से कोई आहट न मिलने पर पड़ोसियों की मदद से खिड़की तोड़कर देखा गया, तो दोनों के शव फंदे पर लटके हुए थे. पुलिस के अनुसार मृतक भंवर सिंह मूल रूप से नागौर के रहने वाले थे और विंडमिल कंपनी गमेशा में इंजीनियर थे. करीब 3 साल पहले एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी. पिता की पेंशन से ही मांबेटे का गुजरबसर चल रहा था.
SHO का बयान: FSL टीम ने जुटाए सबूत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
जैसलमेर शहर कोतवाली थाना के SHO प्रेमाराम विश्नोई ने मामले की जानकारी देते हुए बताया मांबेटे के सुसाइड की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. मौके पर FSL की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करवाए गए हैं. दोनों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों से गहन पूछताछ के बाद ही आत्महत्या की वास्तविक वजह साफ हो पाएगी. पुलिस हर कोण से मामले की जांच कर रही है.



