
दिल्ली। अपनी नापाक हरकतों और झूठे दावों से बाज न आने वाले पाकिस्तान को भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर करारा जवाब दिया है। सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के फर्जी दावों की पोल खोलते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कह दिया कि “तथ्यों को मरोड़ना और झूठ फैलाना पाकिस्तान की पुरानी आदत है।”
भारत ने स्पष्ट किया कि जिस तथाकथित ‘मध्यस्थता अदालत’ के फैसले ढिंढोरा पाकिस्तान पीट रहा है, वह अदालत ही अवैध है। यही नहीं, अफगानिस्तान के कुनार और पकतिका प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों में निर्दोष नागरिकों की मौत पर भी भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता के साथ अपनी एकजुटता दोहराते हुए इसे क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है।
पाकिस्तान के हर पैंतरे पर भारत का करारा पलटवार
भारत ने पाकिस्तान के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें वह तथाकथित मध्यस्थता अदालत के फैसले का जश्न मना रहा था। भारत ने कहा यह अदालत ही पूरी तरह गैरकानूनी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का यह बयान केवल दुर्भावनापूर्ण प्रचार और सच को छुपाने की नाकाम कोशिश है।
पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर के आतंकवाद विरोधी बयान पर भारत ने घेरा
पाकिस्तान बयानबाजी बंद करे और सीमा पार आतंकवाद पर ठोस एक्शन ले। अफगान इलाकों में पाक एयरस्ट्राइक में निर्दोष नागरिकों के मारे जाने पर भारत ने सख्त ऐतराज जताया और अफगानिस्तान की अखंडता का समर्थन किया।
भारत ने पाकिस्तान के दुर्भावनापूर्ण प्रचार का गुब्बारा फोड़ दिया है। सिंधु जल संधि पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को खत लिखने वाले पाकिस्तान को याद दिलाया गया है कि जिस मध्यस्थता अदालत का वह हवाला दे रहा है, भारत उसे पहले ही अवैध करार देकर खारिज कर चुका है। वहीं, असीम मुनीर को नसीहत देते हुए भारत ने कहा कि आतंकवाद पर सिर्फ ज्ञान न बांटें, बल्कि जमीन पर काम करके दिखाएं।
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