मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने को लेकर अडानी एयरपोर्ट्स और विदेशी एयरलाइंस के बीच सहमति नहीं बन पाई है. अडानी एयरपोर्ट्स चाहता है कि मुंबई एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के दौरान कुछ उड़ानों को नवी मुंबई भेजा जाए. वहीं, विदेशी एयरलाइंस का कहना है कि उन्हें इस बदलाव के लिए पर्याप्त समय और पूरी जानकारी चाहिए. एयरलाइंस ने अक्टूबर 2027 तक का समय मांगा है, जबकि एयरपोर्ट ऑपरेटर ने उनसे 3 नवंबर तक ट्रांजिशन प्लान देने को कहा है.

क्या है पूरा मामला?
मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल1 अप्रैल 2027 से तोड़कर दोबारा बनाया जाना है. इस काम को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का टारगेट है. इसी दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या और उड़ानों के ऑपरेशन को संभालने के लिए कुछ उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भेजने की प्लानिंग है. मुंबई और नवी मुंबई, दोनों एयरपोर्ट का संचालन अडानी एयरपोर्ट्स के पास है.
द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बुधवार को अडानी एयरपोर्ट्स और विदेशी एयरलाइंस के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका. बैठक में करीब 50 अधिकारी शामिल हुए, जो मुंबई में काम करने वाली लगभग 45 एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. एयरलाइंस ने कहा कि वे नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू करने से पहले बदलाव की पूरी जानकारी चाहती हैं.
एक एयरलाइन अधिकारी के मुताबिक, कंपनियों को करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित नए एयरपोर्ट पर उड़ानें शिफ्ट करने के लिए व्यावसायिक फायदे भी समझने होंगे. एयरलाइंस चाहती हैं कि टर्मिनल1 का रिकन्सट्रक्शन्स एक साथ बंद करने के बजाय स्टेबबायस्टेप किया जाए, जैसा पहले टर्मिनल2 के डेवलेपमेंट के दौरान किया गया था. उनका यह भी कहना है कि गर्मियों के 2027 के शेड्यूल से उड़ानों के स्लॉट में एकतरफा कटौती नहीं होनी चाहिए. किसी भी बदलाव में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के स्लॉट आवंटन नियमों का पालन किया जाना चाहिए.
टर्मिनल1 में क्या बदलाव होंगे?
मुंबई एयरपोर्ट के मुताबिक, टर्मिनल1 का रिकन्सट्रक्शन्स दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है. इसके बाद इसकी सालाना यात्री क्षमता 1.5 करोड़ से बढ़कर 2 करोड़ हो जाएगी. इसके अलावा यात्रियों को विमान में चढ़ाने के लिए सीधे जुड़े स्टैंड की संख्या 7 से बढ़ाकर 25 की जाएगी. चेकइन काउंटर 74 से बढ़कर 109 होंगे, जबकि सामान मिलने वाली बेल्ट की संख्या 5 से बढ़ाकर 11 की जाएगी. दोनों एयरपोर्ट की क्षमता 2030 तक 8.5 करोड़ होगी.
टर्मिनल2 के उत्तरपश्चिम हिस्से का भी विस्तार किया जाएगा. मार्च 2029 तक तैयार होने वाले इस हिस्से में घरेलू यात्रियों के लिए बस से विमान तक पहुंचने के चार नए बोर्डिंग गेट होंगे. इससे टर्मिनल1 के निर्माण के दौरान घरेलू उड़ानों को संभालने में मदद मिलेगी.
कुछ भारतीय एयरलाइंस ने शुरू की तैयारी
विदेशी एयरलाइंस के साथ बातचीत अटकी हुई है, लेकिन कुछ भारतीय कंपनियों ने अपनी उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने की योजना घोषित कर दी है. इंडिगो फरवरी से जुलाई 2027 के बीच धीरेधीरे अपनी 12 डेली इंटरनेशनल फ्लाइट नवी मुंबई भेजेगी. इनमें जेद्दा, रियाद, कुवैत, मस्कट और ढाका जैसे शहरों की उड़ानें शामिल हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस दिसंबर से नवी मुंबई से रोजाना चार घरेलू उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की जाएंगी. अकासा एयर भी दिसंबर से मुंबईजेद्दा उड़ानों को नए एयरपोर्ट पर शिफ्ट करेगी.



