CricketIndia

​Josh Hazlewood ने Scott Boland का किया समर्थन, South Africa के खिलाफ Test सीरीज में खेलेंगे

डरबन में तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका पर 214 रनों की शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही, ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 202527 में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति और मजबूत हो गई है। ICC वेबसाइट के अनुसार, हालांकि पिच से स्पिन गेंदबाजों को कुछ मदद मिल रही थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा। अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड ने 49 रन देकर 6 विकेट लिए, जिसकी बदौलत दक्षिण अफ्रीका की टीम अपनी दूसरी पारी में 206 रनों पर सिमट गई।

​Josh Hazlewood ने Scott Boland का किया समर्थन, South Africa के खिलाफ Test सीरीज में खेलेंगे

दक्षिण अफ़्रीका की पिचें आमतौर पर तेज़ गेंदबाज़ी और उछाल के लिए जानी जाती हैं, लेकिन डरबन की पिच पर स्पिन के लिए काफ़ी मदद थी। इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया ने पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और हेज़लवुड की अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ों की तिकड़ी के साथसाथ विशेषज्ञ स्पिनर नाथन लियोन को भी टीम में शामिल किया। इस वजह से स्कॉट बोलैंड को पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई। बोलैंड का टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज़ी औसत 18.58 है, जो काफ़ी शानदार है। उम्मीद है कि वह इस सीरीज़ में ज़रूर खेलेंगे, और हेज़लवुड को भी आने वाले मैचों में उनके योगदान पर पूरा भरोसा है। हेज़लवुड ने कहा, “वह शायद ही कभी ख़राब गेंदबाज़ी करते हैं। जब भी लड़के नेट्स में आते हैं, तो बस यही लगता है अरे, फिर से स्कॉटी आ गया!”

जैसेजैसे सीरीज़ आगे बढ़ेगी और मुक़ाबले गेबेरहा और केपटाउन में होंगे, जहाँ की पिचें तेज़ गेंदबाज़ों के लिए और भी ज़्यादा मददगार हो सकती हैं, वहाँ बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण को और मज़बूत कर सकते हैं। हेज़लवुड ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि वह इस सीरीज़ में खेलेंगे, और अगले 1218 महीनों में भी टीम का अहम हिस्सा होंगे। वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, उनका रिकॉर्ड तो कमाल का है। बोलैंड के टीम में शामिल होने से ऑस्ट्रेलिया के सीनियर तेज़ गेंदबाजों पर बोझ कम होगा।

खासकर आने वाले व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए, जिसमें न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर चार टेस्ट मैचों की सीरीज़, अगले साल की शुरुआत में भारत में पांच मैचों की सीरीज़ और 2027 में पांच टेस्ट मैचों की एशेज़ सीरीज़ शामिल है। हेज़लवुड ने कहा कि अगर हमें कभी संघर्ष करना पड़े, तो यह सोचकर राहत मिलती है कि स्कॉटी वहां मौजूद हैं और खेलने के लिए तैयार हैं। इससे टीम के भीतर बातचीत आसान हो जाती है और एक एकजुट टीम के रूप में काम करना बेहतर होता है। आगे चलकर हम लंबे समय तक तो बाहर नहीं रह सकते, लेकिन कभीकभी एकदो हफ़्ते का ब्रेक लेने से चीज़ें जल्दी ठीक हो जाती हैं। फिलहाल हमारे पास एक बहुत अच्छी टीम है।

हेज़लवुड ने दक्षिण अफ़्रीकी परिस्थितियों में ‘रिवर्स स्विंग’ की भूमिका और मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाजों द्वारा इसका इस्तेमाल किए जाने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में पिचें अक्सर हरीभरी और तेज़ गेंदबाजों के अनुकूल होती हैं, इसलिए वहां रिवर्स स्विंग की चर्चा ही नहीं होती। वहां तो पारी के अंत तक भी गेंद नई जैसी ही दिखती है। लेकिन अगर आप कुछ साल पहले के SCG को देखें, तो वहां हमें हर साल रिवर्स स्विंग देखने को मिलती थी। दक्षिण अफ़्रीका में पिच काफी खुरदरी थी और ज़मीन बहुत सख्त थी। हमें पहली पारी में ही इसका थोड़ा अंदाज़ा मिल गया था, और जैसेजैसे खेल आगे बढ़ा, पिच और भी खराब होती गई, जिससे रिवर्स स्विंग और ज़्यादा मिलने लगी। इसलिए हमें पता था कि यह बहुत अहम है।
 

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply