सांप एक ऐसा जीव है जो एक जगह नहीं ठहरता है और यही कारण है कि वो बिल नहीं बनाता है. वहीं दीमक और चींटियों के टीलों में इनके मिलने के पीछे की वजह होती हैं, जिसमें से एक है खाने की तलाश में ये इन बिलों में पहुंचते हैं. यहां पर सांपों को अक्सर छोटे जीव मिल जाते हैं, जैसे छिपकलियां, कीड़े, चूहे, मेंढक.

सांप इसलिए भी चींटी और दीमकों के बनाए टीलों या मिट्टी के सुराखों में चले जाते हैं, क्योंकि यहां का तापमान उनके मुताबिक अनुकूल होता है. दरअसल सांप ठंडे खून वाले जीव होते हैं. ऐसे में ये जगह बाहर के ठंडे और गर्म दोनों तरह के मौसम में तापमान के हिसाब से ज्यादा स्थिर रहती है.
सांप ज्यादातर उन बिलों को अपना ठिकाना बनाते हैं, जिसे चींटी और दीमक छोड़कर चली जाती हैं. अधिकतर सांप दीमकों और चींटियों की सक्रिय बस्ती में नहीं रहते हैं, हालांकि कुछ छोटे सांप उनके घोंसलों में चला जाते हैं, क्योंकि उन्हें लार्वा और अंडे भोजन के रूप में मिल जाते हैं.
सुरक्षित होता है ठिकाना सांपों के लिए ये ठिकाना सुरक्षित भी रहता है, क्योंकि मिट्टी जैसे बने इन टीलों में जटिल और गहरी सुरंगे बनी होती हैं, जो सांपों को नेवले, समेत कुछ पक्षियों और बड़े शिकारियों से बचाए रखने में कारगर है.
आमतौर पर वैसे तो सांप चूहों के बिल, चींटियों और दीमकों के टीलों में ही अपने ठिकाने बनाते हैं, लेकिन किंग कोबरा एक ऐसा सांप है जो अपने अंडों के लिए घोंसला या बिल बनाता है. इसके लिए वो मिट्टी, सूखी पत्तियों, पतली सूखी टहनियों को एक जगह जमा करता है.



