Lucknow Triple Murder: लखनऊ के सआदतगंज इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है. मृतक शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू की पत्नी रुचि तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने यह FIR लिखी. नामजद आरोपियों में ऋषभ शुक्ला समेत पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं. पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, नामजद आरोपियों में से तीन पुरुष और दो महिलाओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है. बाकी तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है.

8 लोगों के खिलाफ नामजद FIR
पुलिस ने ट्रिपल मर्डर मामले में रुचि तिवारी की शिकायत के आधार पर आठ लोगों को नामजद किया है. इनमें राजेश शुक्ला, ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना शुक्ला, दिव्या शुक्ला, प्रिया और अदिति के नाम शामिल हैं. पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान शिवेंद्र तिवारी, शिवाजी तिवारी और सुयश को घेरकर उनके साथ मारपीट की गई. इसके बाद तीनों को गोली मार दी गई. पुलिस अब तहरीर में लगाए गए आरोपों, घटनास्थल के हालात और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
मुख्य आरोपी ऋषभ गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को वारदात के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के मुताबिक, आरोपी को पिस्टल के साथ पकड़ा गया. दोनों पक्षों में विवाद पार्किंग को लेकर हुआ था. मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, तीन पुरुष और दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है, जबकि तीन नामजद आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है. हालांकि हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है.
बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर था विवाद
इस हत्याकांड की वजह पड़ोसियों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद बताया जा रहा. नौबस्ता स्थित ब्राह्मण टोला में शिवाजी तिवारी का परिवार रहता है. उनके घर के सामने बरगद का एक पेड़ है. इसी पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर पड़ोसी ऋषभ शुक्ला और तिवारी परिवार के बीच विवाद चल रहा था. करीब डेढ़ महीने पहले भी यह मामला थाने पहुंचा था. उस समय चबूतरा बनाने का काम रोक दिया गया था. इसके बावजूद दोनों परिवारों के बीच तनाव बना हुआ था. सोमवार सुबह शिवाजी तिवारी के छोटे भाई शंभू तिवारी ने बरगद के पेड़ के पास अपनी कार खड़ी कर दी.
पहले शंभू से हुआ विवाद, फिर पिताबेटे को मारी गोली
शंभू घर से बाहर निकले तो गाड़ी खड़ी करने को लेकर ऋषभ से उनकी बहस हो गई. विवाद बढ़ने पर आरोपी ने शंभू को गोली मार दी. आवाज सुनकर शिवाजी तिवारी भी बाहर आ गए. ऋषभ ने उन्हें भी गोली मार दी. इसके बाद गोलियों की आवाज सुनकर सुयश घर से बाहर निकला तो उसे भी निशाना बनाया गया. इस तरह एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई. हालांकि, मृतक की पत्नी रुचि तिवारी की तहरीर में घटना के दौरान कई लोगों के एक साथ पहुंचने, घेरने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया है. पुलिस दोनों पक्षों से जुड़ी जानकारी और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है.
रिटायर्ड कर्मचारी थे शिवाजी, बेटे की होने वाली थी शादी
मृतक शिवाजी तिवारी बिजली विभाग से सेवानिवृत्त थे. वह RSS के जिला सर कार्यवाह भी रह चुके थे. उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू लखनऊ विश्वविद्यालय में काम करते थे. शिवाजी के बेटे सुयश बिजली के सामान का कारोबार करता था. परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं. सुयश की शादी 5 दिसंबर को होनी थी. ऐसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से इलाके में शोक का माहौल है. घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया.
आरोपी ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में था अधिकारी
वहीं आरोपी ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर रह चुका था. उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. स्थानीय लोगों के मुताबिक, गाड़ी खड़ी करने और चबूतरे को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले भी कहासुनी होती रही थी. पुलिस फिलहाल विवाद की असली वजह, वारदात में अन्य लोगों की भूमिका और आरोपियों के बीच आपसी संबंधों की जांच कर रही है.



