कौशांबी : पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील गांव के पास हाईवे पर तड़के हुई।

पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट का आरोपी नौशाद तेरह मील गांव के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सुबह करीब 4 बजे इलाके में घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि आरोपी वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। उसे रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली नौशाद के पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद करने का दावा किया है। घायल नौशाद को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और ब्लास्ट में उसकी भूमिका के साथसाथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लापरवाही के आरोपों के बीच पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को भी लाइन हाजिर किया गया है। वहीं बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री और विस्फोटक सामग्री के भंडारण की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर इन पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
बता दें कि सोमवार को पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी कस्बे में एक पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ था। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की बात सामने आई। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मकान मलबे में तब्दील हो गए, जबकि आसपास के घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।
मामले में पिपरी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में नौशाद, शकील, उसके बेटे आदिल, पत्नी शबाना, कहकशा और बेटी शाइना को नामजद किया गया है। पुलिस शकील की पत्नी शबाना और शाइना को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं और अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी है।
बताया जा रहा है कि नौशाद अपने बेटे आदिल के नाम से ‘आदिल डीजे’ के नाम पर पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि करीब दो साल पहले जिला प्रशासन ने फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बावजूद फैक्ट्री के दोबारा चोरीछिपे संचालित होने के आरोप सामने आ रहे हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि फैक्ट्री वैध थी या अवैध। अब जांच का अहम बिंदु फैक्ट्री के लाइसेंस और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े दस्तावेज भी हैं।
हादसे के बाद प्रशासन ने घनी आबादी में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मनौरी कस्बे में एक घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद प्रशासन ने उसे सुरक्षित तरीके से दो डीसीएम वाहनों में लोड कराया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित मकान को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।
हादसे की गंभीरता और विस्फोट की तीव्रता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। मामले की जांच में एटीएस भी जुट गई है। एटीएस और स्थानीय पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची, भंडारण के नियमों का पालन हुआ था या नहीं और इस पूरे नेटवर्क में कौनकौन लोग शामिल हैं।



