
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें अपने कौशल प्रमाणपत्र को संभालकर रखने के लिए कागजी दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यूपीएसडीएम ने नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी और डिजीलॉकर के साथ अपना एकीकरण पूरा कर लिया है। इसके बाद प्रशिक्षित युवाओं को उनके कौशल प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे।
नौकरी के समय नहीं होगी प्रमाणपत्र खोने की टेंशन
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि अभ्यर्थी अपने DigiLocker खाते के जरिए प्रमाणपत्र को कभी भी देख, डाउनलोड और जरूरत के अनुसार साझा कर सकेंगे।
यानी अगर किसी युवा का पुराना प्रमाणपत्र खो गया है, खराब हो गया है या नौकरी के लिए अचानक इसकी जरूरत पड़ गई है, तो उसे कागजी रिकॉर्ड ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। डिजिटल रिकॉर्ड 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।
नौकरी में दस्तावेजों का सत्यापन होगा आसान
इस व्यवस्था का सीधा फायदा नौकरी तलाशने वाले युवाओं को मिलेगा। कंपनियां और नियोक्ता अब अभ्यर्थी के कौशल प्रमाणपत्र की ऑनलाइन प्रामाणिकता जांच कर सकेंगे।
इससे भर्ती के दौरान दस्तावेजों की जांच में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। साथ ही फर्जी या जाली प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
देश में कहीं भी दिखा सकेंगे अपना कौशल
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि डिजिटल प्रमाणपत्र की सुविधा मिलने के बाद यूपीएसडीएम से प्रशिक्षण लेने वाले युवा देश के किसी भी हिस्से में अपने कौशल और प्रशिक्षण का प्रमाण आसानी से उपलब्ध करा सकेंगे।
इसका मतलब यह है कि किसी दूसरे शहर या राज्य में नौकरी के लिए आवेदन करते समय भी अभ्यर्थी को अपने प्रमाणपत्र की हार्ड कॉपी साथ लेकर चलने की जरूरत कम हो जाएगी। जरूरत पड़ने पर डिजिटल रिकॉर्ड साझा किया जा सकेगा।
पुराने रिकॉर्ड भी किए जा रहे डिजिटल
यूपीएसडीएम ने इस एकीकरण को नेशनल ईगवर्नेंस डिविजन और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के सहयोग से पूरा किया है।
इसके तहत संस्थागत पंजीकरण, डिजिटल प्रमाणपत्रों के प्रारूप तैयार करने और पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल करने का काम पूरा किया जा चुका है।
आम युवाओं के लिए क्यों जरूरी?
कौशल प्रशिक्षण लेने के बाद युवाओं के सामने अक्सर सबसे बड़ी चुनौती प्रमाणपत्र को सुरक्षित रखना और नौकरी के समय उसका सत्यापन कराना होती है। अब डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से प्रमाणपत्र खोने की चिंता कम होगी और नौकरी के लिए दस्तावेज सत्यापन भी आसान हो सकेगा।
खास तौर पर ऐसे युवा जो नौकरी के लिए दूसरे शहरों में आवेदन करते हैं, उनके लिए DigiLocker पर उपलब्ध प्रमाणपत्र उपयोगी साबित हो सकता है। इससे भर्ती प्रक्रिया में समय की बचत, पारदर्शिता और प्रमाणपत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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