
प्रतापगढ़ अमृत विचार। प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान हुई दलित युवक शैलेश गौतम उर्फ अर्जुन की मौत के मामले में गरमाई राजनीति के बीच पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। रानीगंज विधायक डॉ.आर.के. वर्मा और पट्टी विधायक राम सिंह पटेल सहित सपा का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पीड़ित परिवार को सांत्वना देने जा रहा था।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल को रोक लिया और उन्हें पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस ने मृतक शैलेश के परिजनों को डाक बंगले पर बुलाया, जहां सपा प्रतिनिधिमंडल ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।
सपा नेताओं ने पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर जताया ऐतराज
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सपा नेताओं ने पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया। रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा ने कहा कि पुलिस हिरासत में मौत जैसे संगीन मामले के बाद किसी अन्य परिवार को आरोपी बना देना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की पुलिसिया कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि निर्दोषों को न्याय मिले और दोषी बख्शे न जाएं।
पट्टी विधायक राम सिंह पटेल ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
पट्टी विधायक राम सिंह पटेल ने पूरी घटना की फॉरेंसिक और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने सवाल किया कि जब शैलेश गौतम की मौत पट्टी कोतवाली के अंदर हुई है,तो ऐसे में मुकदमे में किसी परिवार को वादी क्यों बनाया गया है? उन्होंने कहा कि हिरासत में हुई मौत के असली जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम उजागर होने चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने और पूरे घटनाक्रम के दौरान सीओ सिटी आशुतोष मिश्र,सीओ पट्टी प्रदीप समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान सपा के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी, पूर्व विधायक नागेंद्र यादव मुन्ना, सांसद के मीडिया प्रभारी वकार अहमद,पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनीष पाल, पूर्व एमएलसी प्रत्याशी विजय यादव,पवन सरोज समेत पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

