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​Rahul Gandhi Files Petition: राहुल गांधी की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल की EC की अनियमितताओं पर याचिका, केस का नाम- राहुल गाँधी बनाम चुनाव आयोग

Rahul Gandhi Files Petition: SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर रही है। तो वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी दिल्ली चलो का आह्वान कर चुके हैं। सभी सुप्रीम कोर्ट मार्च के लिए बढ़ रहे हैं।

​Rahul Gandhi Files Petition: राहुल गांधी की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल की EC की अनियमितताओं पर याचिका, केस का नाम- राहुल गाँधी बनाम चुनाव आयोग

इसी बीच राहुल गांधी की लीगल टीम ने चुनाव आयोग की अनियमितताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा दी है। केस का नाम राहुल गाँधी बनाम चुनाव आयोग है.  गौरतलब है बीते दिन सीजेआई ने कहा था कि ज्ञापन न दें। सुप्रीम कोर्ट के द्वार सबके लिए खुले हैं। 

न्यायपालिका की स्वतंत्रता से समझौता नहीं हो सकता

ने पत्र में कहा कि लंबित मामलों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाना संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा रहे शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के विपरीत होगा। यह स्थापित न्यायिक मर्यादाओं और नैतिकता के भी अनुरूप नहीं होगा।

प्रशासनिक स्तर पर मुद्दों को सुलझाने का अधिकार नहीं

CJI ने इस पत्र में स्पष्ट कर दिया कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट के पास पत्र में उठाए गए मुद्दों को प्रशासनिक स्तर पर निपटाने की शक्तियां नहीं हैं। हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 32 और न्यायिक समीक्षा सहित अपनी अन्य शक्तियों के तहत अदालत नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों पर सुनवाई करने के लिए बाध्य है।

नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत प्रतिबद्ध

पत्र में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिक कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसी भी समय अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसी आधार पर CJI ने खरगे और राहुल गांधी को प्रशासनिक पक्ष में ज्ञापन सौंपने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दायर करने की सलाह दी।

13 अक्टूबर को समान मुद्दों से जुड़े मामलों की सुनवाई

CJI सूर्यकांत ने पत्र में यह भी बताया कि इसी तरह के मुद्दों से जुड़े कुछ मामले मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों नेता चाहें, तो सोमवार, 12 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच में व्यक्तिगत रूप से याचिका दाखिल कर सकते हैं। इसके अलावा ईफाइलिंग के जरिए किसी भी दिन और किसी भी समय याचिका दायर करने का विकल्प भी उपलब्ध है।

जल्द सुनवाई का दिया भरोसा

CJI ने आश्वासन दिया कि यदि इस मामले में याचिका दाखिल की जाती है, तो कानून के अनुसार जल्द से जल्द सुनवाई की जाएगी। पत्र का मुख्य संदेश यह है कि नागरिकों के अधिकारों और उठाए गए मुद्दों पर अदालत में न्यायिक प्रक्रिया के जरिए विचार किया जा सकता है, लेकिन लंबित मामलों पर चर्चा के लिए प्रशासनिक बैठक बुलाना उचित नहीं होगा।

 

 

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