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​Ram Mandir Chanda Chori: राम मंदिर के चढ़ावे की रकम 85 बार चुराता नजर आया अविनाश, करुणेश पांडेय ने 68 बार की आरोपियों की मदद, चंपत राय के नाम खाता नहीं

Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस की चार्जशीट में सीसीटीवी, मोबाइल डाटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपितों की भूमिका बताई गई है। चार्जशीट के मुताबिक अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम चोरी करता और चार बार दूसरे आरोपियों की मदद करता दिखाई दिया। करुणेश पांडेय 2 बार चोरी और 68 बार मदद करता नजर आया।

​Ram Mandir Chanda Chori: राम मंदिर के चढ़ावे की रकम 85 बार चुराता नजर आया अविनाश, करुणेश पांडेय ने 68 बार की आरोपियों की मदद, चंपत राय के नाम खाता नहीं

किसने कितनी बार रकम चुराई

चार्जशीट में मनीष कुमार यादव के 16 बार रकम अपने पास रखने और 19 बार दूसरे आरोपियों की मदद करने का जिक्र है। रमाशंकर मिश्र एक बार रकम हटाकर अपने पास रखते दिखाई दिए। लवकुश मिश्रा एक बार चोरी और 52 बार दूसरे आरोपियों की मदद करते नजर आए। वहीं अनुकल्प मिश्र 56 बार चढ़ावे की रकम हटाने में सहयोग करते दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस ने इन गतिविधियों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच का हिस्सा बनाया है।

CDR और चैट से संपर्क की पड़ताल

पुलिस के मुताबिक संबंधित अवधि के कॉल डिटेल रिकॉर्ड में आरोपितों के बीच लगातार संपर्क मिला। चार्जशीट में सीसीटीवी, डिजिटल, मौखिक और परिस्थितियों के आधार पर आपसी समन्वय और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं। 25 से 30 जुलाई 2026 के फुटेज में भी अविनाश शुक्ला को गणना कक्ष में रकम हटाकर अपने पास रखते दिखने की बात दर्ज है। अनुकल्प मिश्रा के मोबाइल से अविनाश और लवकुश के बीच कैश के बंडलों को रखने, छिपाने और इधरउधर करने से जुड़ी चैट मिलने का दावा किया गया है।

700 खातों की जांच में चंपत राय का नाम नहीं

जांच के दौरान पुलिस ने करीब 700 बैंक खातों का लेनदेन खंगाला। इसमें ट्रस्टियों, आरोपितों, संदिग्धों, गणना कर्मियों और ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों के खातों की जांच शामिल थी। चार्जशीट में कहा गया है कि चंपत राय के नाम कोई निजी बैंक खाता नहीं मिला। संदिग्ध खातों में रकम की आवाजाही और डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खातों के लेनदेन का कंपैरिजन भी किया गया।

अधिवक्ता संघ ने जांच पर उठाए सवाल

चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में अधिवक्ता संघ ने जांच पर सवाल उठाए। संघ का कहना है कि 10 वकीलों के शपथ पत्र दिए गए, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी बनाने की जगह गवाह बनाया गया। वहीं कृष्ण मोहन को आरोपी नहीं बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला कोर्ट में सबूतों के परीक्षण के बाद होगा।

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