
रामपुर मथुरा/सीतापुर, अमृत विचार। रामपुर मथुरा क्षेत्र के पर्वतपुर चौराहे पर एक गर्भवती महिला और नवजात की मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने शव सड़क पर रखकर महमूदाबादरेउसा मार्ग जाम कर दिया और मेडिकल स्टोर संचालक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। कई घंटे तक चले हंगामे के बाद एसडीएम के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ।
रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के बसावनपुर गांव निवासी सावित्री पत्नी अशोक कुमार को गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन पर्वतपुर चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर पर ले गए। आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने महिला को पीछे स्थित एक दुकान में भर्ती कर सामान्य प्रसव कराने का भरोसा दिया।
परिजनों का कहना है कि कई घंटे तक इलाज के नाम पर महिला को वहीं रोके रखा गया। शुक्रवार को हालत बिगड़ने और अधिक रक्तस्राव होने पर महिला को सीएचसी महमूदाबाद भेजा गया। वहां से गंभीर स्थिति देखते हुए चिकित्सकों ने उसे लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। नवजात को भी नहीं बचाया जा सका।
एसडीएम के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन
मौत की सूचना के बाद परिजन शव लेकर पर्वतपुर चौराहे पहुंचे। सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर रामपुर मथुरा, महमूदाबाद और सदरपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी ने परिजनों से वार्ता कर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका।


