Lucknow News: दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश में मिठाई और नमकीन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत प्रदेश के 38 जिलों में मिठाई और नमकीन बनाने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. इस दौरान कई जगहों पर गंदगी, खाद्य पदार्थों के असुरक्षित भंडारण और नियमों की अनदेखी के मामले सामने आए. कहीं मिठाइयों के ऊपर चूहे घूमते मिले तो कहीं गंदे स्थानों पर मिठाइयां तैयार की जा रही थीं.

विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान 260 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और खाद्य पदार्थों के 303 नमूने लिए गए. नियमों में कमियां मिलने पर 229 सुधार सूचनाएं जारी की गईं, जबकि 15 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति की गई. कार्रवाई के दौरान 7,660 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त या नष्ट किए गए. इनकी अनुमानित कीमत 15.40 लाख रुपए से अधिक बताई गई है. वहीं, बिना लाइसेंस चल रही एक मिठाई की दुकान को तत्काल बंद करा दिया गया.
मिठाइयों पर चूहे घूमते मिले
निरीक्षण के दौरान कई जिलों में मिठाई बनाने और रखने की जगहों पर गंभीर खामियां मिलीं. रायबरेली के सागर जी परफेक्ट शॉप, स्टेशन रोड पर मिठाइयां अंधेरे और गंदगी वाले स्थान पर खुले में रखी मिलीं. परिसर में कीड़ेमकोड़े मौजूद थे और ड्रेनेज की व्यवस्था भी खराब थी. निर्माण के दौरान कर्मचारियों के हाथपैर धोने के पानी के छींटे मिठाइयों तक पहुंच रहे थे. यहां साफसफाई की कमी और टूटी टाइलें मिलने पर लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई.
रायबरेली के न्यू नरेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में भी तैयार खाद्य पदार्थ खुले में रखे मिले. कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं थे और कीटों से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्था भी नहीं मिली. वहीं, कानपुर देहात के पंचवटी स्वीट हाउस, पुखरायां में मिठाई बनाने की जगह और भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फ्रिज में गंदगी पाई गई. अकबरपुर स्थित बदनाम गुजिया में भी साफसफाई की कमी, कूड़े का जमाव और जरूरी दस्तावेजों का अभाव मिला. इन दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई.
अखबार में रखी जा रही थीं मिठाइयां
औरैया के इंद्रवर स्वीट हाउस, बिधूना में खाद्य पदार्थों का निर्माण और भंडारण अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था. निरीक्षण के दौरान रखे हुए खाद्य पदार्थों के ऊपर चूहे घूमते मिले. वहीं, शिवाजी स्वीट हाउस, आर्य नगर में मिठाइयां अखबार में रखी जा रही थीं. यहां तलने के लिए बारबार इस्तेमाल किए गए तेल के उपयोग की जानकारी भी सामने आई. पाल स्वीट हाउस में भी मिठाइयों के रखरखाव और साफसफाई से जुड़ी कमियां मिलीं. इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति की गई.
सीतापुर के राजस्थानी स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में भी भंडारण क्षेत्र में चूहे घूमते मिले. खाद्य पदार्थों को असुरक्षित तरीके से रखा गया था. फर्श, दीवारों, वॉशिंग एरिया और ड्रेनेज की व्यवस्था में भी खामियां मिलीं. यहां मिठाइयां गंदी और अनुपयुक्त अलमारियों में रखी जा रही थीं. विभाग ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की.
अमरोहा में पनीर में स्टार्च मिलाने का मामला
अमरोहा के शाहबाजपुर रोड स्थित अनीश पनीर निर्माणशाला में पनीर बनाते समय स्टार्च मिलाने का मामला सामने आया. इसके साथ ही पनीर के भंडारण में भी साफसफाई की कमी मिली. विभाग ने पनीर नष्ट कराया और प्रतिष्ठान की अनुज्ञप्ति निलंबित करने की संस्तुति की. दूध, मावा, छेना और पनीर जैसे उत्पादों की गुणवत्ता त्योहारों के दौरान खास तौर पर महत्वपूर्ण होती है. इनसे बनने वाली मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की शुद्धता के साथ उचित तापमान और साफसुथरे भंडारण का ध्यान रखना जरूरी है.
सीतापुर से शामली तक कार्रवाई
सीतापुर के सांवरिया स्वीट्स को लाइसेंस या पंजीकरण मिलने तक निर्माणशाला बंद रखने के निर्देश दिए गए. शामली के संगल स्वीट्स में खाद्य सामग्री फर्श पर रखी मिली और उसे गंदे कपड़ों से ढका गया था. यहां भी लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई. इसके अलावा झांसी के भोले दूध एवं मिष्ठान भंडार, अंबेडकर नगर के मधुबन स्वीट्स और अलीगढ़ के श्री राधे स्वीट्स में भी स्वच्छता, भंडारण या पंजीकरण से जुड़ी कमियां सामने आईं. हाथरस में बिना लाइसेंस संचालित शंकर स्वीट्स को तत्काल बंद करा दिया गया. वहीं, फिरोजाबाद के ढोकला हाउस में इमारत की जर्जर स्थिति और खराब साफसफाई के कारण पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति की गई.
कारोबारियों को नियमों के पालन का संदेश
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मिठाई और नमकीन की गुणवत्ता के साथ निर्माण प्रक्रिया, कच्चे माल, खाद्य तेल, रंगों और भंडारण की भी जांच की. कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, कीट नियंत्रण, पेयजल की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया गया. विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफसफाई बनाए रखने, सुरक्षित कच्चे माल का इस्तेमाल करने और वैध लाइसेंस या पंजीकरण के साथ कारोबार करने का संदेश दिया है.



