उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी के नवनियुक्त प्रभारी विनोद तावड़े ने PDA की नई व्याख्या करते हुए इसे पराया धन अपना बताया. तावड़े के बयान के कुछ ही देर बाद समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया.

सपा ने विनोद तावड़े का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान का एक पुराना वीडियो पोस्ट करते हुए उन पर निशाना साधा. सपा ने पोस्ट में लिखा कि V.T. की फुल फॉर्म है: V=वसूली, T=तंत्र और आगे आरोप लगाया कि भाजपा के इनर सर्कल में तावड़े को इसी नाम से जाना जाता है. सपा ने तावड़े के PDA पर दिए बयान को लेकर सवाल उठाते हुए लिखा कि यूपी आकर वह PDA पर ज्ञान बांट रहे हैं, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि क्या रामधन वसूली करने यूपी आए हैं?
विनोद तावड़े ने साधा था निशाना
दरअसल, शनिवार को विनोद तावड़े अपने दो दिवसीय दौरे पर पहली बार लखनऊ पहुंचे. पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने संगठन को चुनावी मोड में आने का संदेश दिया और समाजवादी पार्टी के PDA पर तीखा हमला बोला. तावड़े ने सपा के PDA की नई व्याख्या करते हुए इसे पराया धन अपना बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सपा के PDA के नारे को नाकाम करेंगे. साथ ही उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा और फिर सरकार बनाएगा.
PDA बनाम वसूली तंत्र की सियासत
तावड़े के लखनऊ दौरे के पहले ही दिन सामने आए इन बयानों ने यूपी की चुनावी राजनीति में PDA बनाम भाजपा के जवाबी नैरेटिव की लड़ाई को और तेज कर दिया है. अखिलेश यादव की राजनीति में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़ को महत्वपूर्ण सामाजिकराजनीतिक आधार माना जाता है. भाजपा लगातार इस नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश कर रही है. अब तावड़े ने PDA की नई राजनीतिक व्याख्या कर सपा पर हमला बोला है.
2027 की लड़ाई का एक नया सियासी मोर्चा
जवाब में सपा ने तावड़े के पुराने महाराष्ट्र वाले वीडियो को हथियार बनाकर उनके खिलाफ वसूली तंत्र का आरोप उछाल दिया है. यानी तावड़े के यूपी प्रभारी के तौर पर पहले ही दौरे में भाजपा और सपा के बीच 2027 की चुनावी लड़ाई का एक नया सियासी मोर्चा खुलता दिखाई दे रहा है.



