
लखनऊ, अमृत विचार : आगरा एक्सप्रेसवे स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण की सबसे बड़ी 6580 एकड़ की वरुण विहार योजना में विश्वस्तरीय एजुकेशन हब बनेगा। यहां पर ”वरुण विहार एजुकेशन सेक्टर” नाम से अलग शहर बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं और विश्वप्रसिद्ध शिक्षण संस्थान निजी स्तर से विकसित किए जाएंगे।
इस योजना में देशविदेश के लाखों छात्रछात्राओं को लाभ मिलेगा। खासकर लखनऊ व आसपास जिले के छात्रछात्राओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक छत के नीचे इन्स्टीट्यूट व यूनिवर्सिटी में मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, आईटी जैसी तमाम पढ़ाई, कोर्स व आवासीय सुविधा मिलेगी। देशविदेश के बड़े शिक्षण संस्थान वरुण विहार में निवेश करके एजुकेशन सेक्टर को विकसित करेंगे। एलडीए पहले चरण में 14 सितंबर को आवासीय भूखंडों की लांचिंग करेगा। इसके बाद दूसरे चरण में व्यावसायिक, शिक्षा व मेडिकल क्षेत्र के भूखंडों का नियोजन करके बिक्री करेगा। एक साल में प्रोजेक्ट धरातल पर होगा। एलडीए ने एजुकेशन सेक्टर विकसित करने का नक्शा तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत वरुण विहार एक आधुनिक, सुनियोजित एवं उत्कृष्ट आवासीय परियोजना है। जहां पर सहज जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।
40 मिनट में चारबाग, एयरपोर्ट पास
वरुण विहार से अमौसी एयरपोर्ट 30 मिनट में जबकि 40 मिनट में चारबाग रेलवे स्टेशन आवागम होगा। इसके लिए 11 किमी एलिवेटेड रोड बनेगी। इससे हजरतगंज तक कम समय में आनाजाना होगा। आगरा एक्सप्रेसवे, माेहान रोड, किसान पथ, कानपुर रोड, प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे से कानपुर, आगरा व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सीधे कनेक्टेड होगा।
इसलिए खास और प्रदेश स्तरीय योजना
विशाल सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट
चौड़ी एवं सुव्यवस्थित सड़कें
70 एकड़ में प्राकृतिक झील का संरक्षण
अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स
800 एकड़ से अधिक में ग्रीन बेल्ट, पार्क व वॉटर बॉडीज
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
20 एकड़ से अधिक में वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट हब
300 एकड़ में लॉजिस्टिक पार्क
यहां पहुंचने में लगेगा इतना समय
किसान पथ 9 मिनट
आगरा एक्सप्रेसवे एंट्री 15 मिनट
बुद्धेश्वर मंदिर 15 मिनट
अवध चौराहा 22 मिनट
दुबग्गा चौराहा 25 मिनट
राष्ट्र प्रेरणा स्थल 32 मिनट
वरुण विहार योजना में आवास, व्यावसाय, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी हर एक सुविधाओं से लैस होगी। 675 हेक्टेयर जमीन क्रय कर ली है। किसानों ने 1500 हेक्टेयर के सहमति पत्र दिए हैं। याेजना विकसित करने में किसानों का सहयोग मिल रहा है। पहले आवासीय क्षेत्र व दूसरे चरण में व्यावसायिक गतिविधियाें पर काम करेंगे।
विराग कावरिया, एसडीएम/योजना के प्रभारी अधिकारी अर्जन, एलडीए
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