क्रिकेट में ICC ट्रॉफी जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। इसके लिए खिलाड़ी सालों तक मेहनत करते हैं और मैदान पर अपना सब कुछ झोंक देते हैं। लेकिन कभीकभी बड़ी ट्रॉफी जीतने के बाद भी खिलाड़ियों की मुश्किलें कम नहीं होतीं। भारतीय क्रिकेट में भी कुछ ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां ICC खिताब जीतने के कुछ समय बाद ही खिलाड़ियों को कप्तानी छोड़नी पड़ी या टीम में अपनी जगह गंवानी पड़ी।

सूर्यकुमार यादव, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के करियर में कप्तानी से जुड़े बड़े बदलाव देखने को मिले। हालांकि, इन बदलावों के पीछे अलगअलग परिस्थितियां और फैसले रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आईसीसी ट्रॉफी जीतने के बाद इन खिलाड़ियों के साथ क्या हुआ?
ICC ट्रॉफी जीतने के बाद भी छिनी कप्तानी
सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2026 बेहद खास रहा। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप का खिताब जीता। लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि के कुछ ही महीनों बाद भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जून 2026 में उन्हें टी20 टीम की कप्तानी से हटा दिया गया और टीम में उनकी जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे।
यह फैसला क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि सूर्यकुमार ने हाल ही में भारत को विश्व चैंपियन बनाया था। हालांकि, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने नए कप्तान के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि क्रिकेट में पिछली उपलब्धियों के बावजूद खिलाड़ियों का भविष्य मौजूदा प्रदर्शन और टीम की योजनाओं पर निर्भर करता है।
रोहित और विराट के साथ भी हुआ बड़ा बदलाव
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 2024 में टी20 विश्व कप और 2025 में ICC चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता। इन सफलताओं के बावजूद भारतीय टीम में नेतृत्व को लेकर बदलाव हुए। रोहित ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया और बाद में शुभमन गिल को वनडे टीम की कप्तानी सौंप दी गई।
वहीं, विराट कोहली ने जनवरी 2022 में टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। उनकी कप्तानी में भारत ने टेस्ट क्रिकेट में कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की थीं। हालांकि, ICC की बड़ी ट्रॉफी नहीं जीत पाने का दबाव भी उनके कप्तानी कार्यकाल की चर्चा का हिस्सा रहा।
क्या ट्रॉफी जीतना बन गया खिलाड़ियों के लिए मुश्किल दौर?
इन उदाहरणों को देखकर ऐसा लग सकता है कि ICC ट्रॉफी जीतने के बाद भी खिलाड़ियों की परेशानियां खत्म नहीं होतीं। लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि खिताब जीतना ही उनके करियर में बदलाव की वजह बना।
क्रिकेट में कप्तानी बदलने के पीछे उम्र, फॉर्म, भविष्य की योजनाएं और टीम संयोजन जैसे कई कारण होते हैं। रोहित, विराट और सूर्यकुमार के मामले भी अलगअलग परिस्थितियों से जुड़े हैं। ट्रॉफी जीतना निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की जगह हमेशा प्रदर्शन और टीम की जरूरतों के आधार पर तय होती है।



