डियाजियो इंडिया ने अपने 125 साल पुराने मशहूर व्हिस्की ब्रांड ‘मैकडॉवेल्स नंबर 1’ को नए रूप में पेश करने का बड़ा कदम उठाया है. इससे इस प्रमुख शराब कंपनी को ‘मासप्रीमियम’ सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने और नई जेनरेशन के कस्टमर्स को आकर्षित करने में मदद मिलेगी. इस बदलाव के तहत, कंपनी ने एक बेहतर ब्लेंड पेश किया है जिसमें चुनिंदा इंपोर्टेड स्कॉच, इंडियन माल्ट और प्रीमियम ग्रेन स्पिरिट्स शामिल हैं. इस व्हिस्की को खास ओक और अमेरिकन बैरल में तैयार किया गया है और इसकी ब्लेंडिंग भारत और स्कॉटलैंड में की गई है.

हर साल 30 मिलियन से ज्यादा केस की सेल
डियाजियो इंडिया ने एक बयान में कहा कि मैकडॉवेल्स नंबर 1 के नए रूप से इस मशहूर ब्रांड को आज के कस्टमर्स के बीच रिलेवेंट बने रहने में मदद मिलेगी. इसमें ब्रांड की मजबूत विरासत को आधुनिक और प्रीमियम एक्सपीरियंस के साथ जोड़ा गया है. ब्रांड की नई पहचान ‘मिलेनियल्स’ और कानूनी उम्र वाले उन कस्टमर्स के बीच इसकी अपील को मजबूत करेगी जो आधुनिक और खास प्रोडक्ट्स की तलाश में हैं, साथ ही यह मैकडॉवेल्स नंबर 1 से जुड़ी ‘पहचान’ को भी बनाए रखेगी. कंपनी ने कहा कि मैकडॉवेल्स नंबर 1, जो हर साल 30 मिलियन से ज्यादा केस बेचता है, ‘मासप्रीमियम’ व्हिस्की सेगमेंट को नए सिरे से परिभाषित करने का लक्ष्य रख रहा है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कस्टमर्स की पसंद अब कीमतबेस्ड वैल्यू से हटकर क्वालिटी, कारीगरी और एक्सपीरियंस की ओर बढ़ रही है.
10 हजार से ज्यादा कस्टमर्स के साथ रिसर्च
डियाजियो इंडिया के अनुसार, यह रीलॉन्च सिर्फ पैकेजिंग बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नए सिरे से तैयार किए गए लिक्विड के साथ नई डिजाइन वाली बोतल और आधुनिक विज़ुअल पहचान भी शामिल है. बयान में कंपनी की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर रुचिरा जेटली के हवाले से कहा गया है कि इस बदलाव को शुरू करने से पहले डियाजियो इंडिया ने 11 बाजारों में 10,000 से ज्यादा कस्टमर्स के साथ रिसर्च की थी. उन्होंने कहा कि आज का व्हिस्की पीने वाला ग्राहक ‘वैल्यू’ को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है. अब बात सिर्फ किफायती होने की नहीं है, बल्कि क्वालिटी, कारीगरी और अनुभव की भी है. उन्होंने इस रीलॉन्च को “भारत की मासप्रीमियम व्हिस्की कैटेगरी के भविष्य के लिए एक ब्लूप्रिंट” बताया.



