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​खाकी में खौफ का खेल! दरोगा सुसाइड केस में हनीट्रैप सिंडिकेट का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में वाल्टरगंज थाने के पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में एक महिला, उसके पिता और एक वकील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना किए जाने से परेशान होकर दरोगा सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या कर ली थी.

पुलिस के अनुसार, मृतक थानाध्यक्ष के बेटे संदीप सिंह ने 5 सितंबर को प्रार्थना पत्र देकर मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके आधार पर कोतवाली बस्ती में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई. जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की पड़ताल की गई. पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन यानी 29 अगस्त को आरोपी वकील विजय प्रकाश यादव ने दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर सूर्य प्रकाश सिंह को कॉल की थी.

आरोपियों के पास से बोलेरोतीन मोबाइल बरामद

जांच के बाद कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने सदर अस्पताल चौराहे के पास से मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल होने का दावा की गई एक बोलेरो गाड़ी और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.

पुलिस पूछताछ में कथित गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पुलिस का आरोप है कि मुख्य आरोपी महिला संपन्न और रसूखदार लोगों को अपने जाल में फंसाती थी. इसके बाद कथित तौर पर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते थे. पुलिस का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में महिला का पिता और वकील भी शामिल थे. वकील पर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पीड़ितों पर दबाव बनाने में भूमिका निभाने का आरोप है.

आरोपी लोगों से करते थे उगाही

पुलिस के मुताबिक, जांच में कई लोगों से लाखों रुपये की वसूली के मामले सामने आए हैं. पुलिस ने मकान मालिक डॉक्टर उमेश से 4 लाख, ड्राइवर अहमद रजा से 5 लाख और मध्य प्रदेश के व्यापारी आर्यन दीक्षित से 15 लाख रुपये की उगाही की जानकारी मिलने का दावा किया है. मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया. डीआईजी बस्ती मंडल संजीव त्यागी के मुताबिक, गिरोह के संपर्कों और अन्य संभावित पीड़ितों की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच में आगे और भी अहम खुलासे हो सकते हैं.

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