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​​​​​गांव के बीच गुपचुप चल रही थी सिंथेटिक ड्रग्स की फैक्ट्री, छापेमारी में 1102 किलो से ज्यादा माल बरामद; दो गिरफ्तार

​​​​​गांव के बीच गुपचुप चल रही थी सिंथेटिक ड्रग्स की फैक्ट्री, छापेमारी में 1102 किलो से ज्यादा माल बरामद; दो गिरफ्तार

जालौन, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने उरई तहसील के एरी रामपुरा गांव में चल रही अवैध सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी और तलाशी के दौरान कुल 1102.88 किलोग्राम ड्रग्स और केमिकल बरामद किए गए हैं। मामले में महाराष्ट्र निवासी संतोष और जालौन के हेमेंद्र को गिरफ्तार किया गया है।

घर और लैब से मिली भारी मात्रा में ड्रग्स

एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी के घर से 15.44 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन बरामद हुआ। वहीं, अवैध लैब से करीब 184 किलोग्राम अर्धनिर्मित ड्रग्स जब्त की गई। इसके अलावा तलाशी के दौरान 582.2 किलोग्राम केमिकल और अन्य सामग्री भी मिली। अधिकारियों ने मौके से ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी बरामद की हैं।

गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था कारोबार

बताया गया है कि फैक्ट्री गांव के सुनसान इलाके में बेहद गोपनीय तरीके से संचालित की जा रही थी। बुधवार सुबह मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर DRI और यूपी एटीएस की टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू

जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह फैक्ट्री किसी बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि तैयार मेफेड्रोन की सप्लाई किन शहरों और राज्यों में की जाती थी। साथ ही इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों और कथित मास्टरमाइंड की तलाश भी की जा रही है।

सत्यम रिपोर्ट: एजेंसियां बरामद सामग्री और ड्रग सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही हैं। मामले में आगे की जानकारी जांच और आधिकारिक खुलासे के बाद सामने आएगी।

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