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​​​​​AK-47 बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता गिरफ्तार; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

​​​​​AK-47 बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता गिरफ्तार; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

हाजीपुर, वैशाली, बिहार: मुजफ्फरपुर AK-47 बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि उन्हें देर रात वैशाली जिले के नगर थाना क्षेत्र के जौहरी बाजार स्थित उनके कार्यालय के पास से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद NIA की टीम उन्हें अपने साथ ले गई।

RC-11/2024/NIA/DLI मामले में हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता की गिरफ्तारी केस नंबर RC-11/2024/NIA/DLI के सिलसिले में की गई है। यह मामला मुजफ्फरपुर में AK-47 बरामदगी से जुड़ा हुआ है। इस मामले में जांच एजेंसी पहले भी कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। हालांकि, संदीप कुमार सिन्हा की कथित भूमिका और गिरफ्तारी के विस्तृत कारणों को लेकर NIA का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।

परिजनों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

अधिवक्ता के परिजनों ने गिरफ्तारी को साजिश बताते हुए NIA की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके पिता का दावा है कि एजेंसी पहले भी दो बार उनके घर पर छापेमारी कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी छापेमारी के दौरान एक कमरे में रिवॉल्वर रखकर उसकी बरामदगी दिखाई गई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

परिजनों का यह भी कहना है कि छापेमारी के दौरान लाइसेंसी हथियार और नकदी ले जाई गई थी। अधिवक्ता के चचेरे भाई के मुताबिक, छापेमारी और जब्ती सूची को NIA की विशेष अदालत में चुनौती दी गई है। परिवार का आरोप है कि इसी कानूनी कार्रवाई के बाद अधिवक्ता को निशाना बनाया गया।

जांच एजेंसी के जवाब का इंतजार

मुजफ्फरपुर AK-47 बरामदगी मामले में पहले भी छह से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब अधिवक्ता की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

फिलहाल मामले में NIA की कार्रवाई और परिजनों के आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जांच एजेंसी का आधिकारिक पक्ष और अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई इस मामले में अहम होगी।

सत्यम रिपोर्ट: गिरफ्तारी की वजह और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। मामले से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर जांच एजेंसी के आधिकारिक बयान और न्यायिक प्रक्रिया के बाद सामने आएगी।

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