
पुलिस ने एक ऐसे कथित साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने देशभर में 500 से अधिक महिलाओं को प्यार, शादी और भरोसे का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया। 35 वर्षीय आरोपी डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं से संपर्क करता था। पुलिस के अनुसार, वह खुद को कभी डॉक्टर, कभी बिजनेसमैन और कभी किसी प्रतिष्ठित कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता था।
आरोपी पहले महिलाओं से लगातार बातचीत करता था और उनकी निजी परेशानियों, पारिवारिक स्थिति तथा आर्थिक हालात के बारे में जानकारी जुटाता था। कुछ समय बाद वह भावनात्मक रिश्ता कायम कर शादी का वादा करता। भरोसा बनने के बाद वह मेडिकल इमरजेंसी, कारोबार में नुकसान, बैंक खाते में समस्या या किसी जरूरी भुगतान का बहाना बनाकर पैसे मांगता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बातचीत के दौरान बेहद सावधानी बरतता था। वह अलग-अलग महिलाओं के लिए अलग नाम, फोटो और पेशे का इस्तेमाल करता था। कई मामलों में उसने खुद को विदेश में रहने वाला व्यक्ति बताया और दावा किया कि वह जल्द ही भारत आकर पीड़िता से शादी करेगा। इसके बाद वह यात्रा, कस्टम ड्यूटी, इलाज या कारोबार से जुड़ी जरूरतों के नाम पर रकम मांगता था।
एक मामले में आरोपी ने कथित तौर पर एक महिला से करीब 7 लाख रुपये ठगे। महिला ने जब रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपी ने उससे संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद उसने खुद को बचाने के लिए अपनी मौत की झूठी कहानी तक गढ़ दी। पुलिस को शक है कि इसी तरह कई अन्य महिलाओं को भी अलग-अलग बहानों से आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के कई फर्जी नाम, ईमेल आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट मिले। वह एक साथ कई मोबाइल नंबर और सिम कार्ड इस्तेमाल करता था, ताकि किसी एक पहचान के सामने आने पर दूसरी पहचान के जरिए ठगी जारी रख सके। पुलिस ने आरोपी के पास से 4 स्मार्टफोन, 8 सिम कार्ड, कई डेबिट कार्ड और सोने के आभूषण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अलग-अलग राज्यों में 500 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाया और करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी या वसूली की। जांच में यह भी सामने आया है कि वह कुछ महिलाओं की निजी तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए करता था। वह तस्वीरें सार्वजनिक करने या परिवार के सदस्यों को भेजने की धमकी देकर अतिरिक्त रकम मांगता था।
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, मोबाइल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले में आरोपी के साथ कुछ अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं, जो फर्जी सिम, बैंक खाते या डिजिटल भुगतान की व्यवस्था करते थे।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन रिश्तों में जल्दबाजी न करें और किसी अनजान व्यक्ति को निजी तस्वीरें, बैंक संबंधी जानकारी या पैसे न भेजें। यदि कोई व्यक्ति लगातार आर्थिक मदद मांगता है या भावनात्मक दबाव बनाता है, तो इसकी सूचना तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने में देनी चाहिए।



