
शादी के लिए रिश्ता तलाश रहे लोगों को अब सिर्फ पारंपरिक ठगी से ही नहीं, बल्कि तकनीक के सहारे तैयार किए गए फर्जी रिश्तों से भी सावधान रहने की जरूरत है। कानपुर में सामने आए एक साइबर ठगी के मामले ने इस पूरे खेल का चौंकाने वाला तरीका उजागर किया है। आरोप है कि एक संगठित गिरोह ने फर्जी मैट्रिमोनियल कंपनियों और कॉल सेंटर की मदद से देशभर में शादी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाया।
गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित बताया जा रहा है। पहले शादी की इच्छा रखने वाले युवकों की जानकारी सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म से जुटाई जाती थी। इसके बाद आकर्षक महिला प्रोफाइल तैयार कर उनसे संपर्क किया जाता था। कई मामलों में तस्वीरों को एडिट करने और AI तकनीक की मदद लेने की बात भी जांच में सामने आई।
पहले दिखाया जाता था खूबसूरत रिश्ता
ठगी का खेल एक सामान्य मैट्रिमोनियल बातचीत की तरह शुरू होता था। युवक को किसी महिला की प्रोफाइल दिखाई जाती और फिर फोन पर बातचीत शुरू कराई जाती। दूसरी तरफ से महिला कर्मचारी लड़की बनकर बात करती थीं।
घंटों बातचीत के जरिए धीरे-धीरे युवक का भरोसा जीता जाता था। जब सामने वाले को लगने लगता कि रिश्ता वास्तविक है और शादी की बात आगे बढ़ सकती है, तभी पैसों की मांग शुरू होती थी।
कभी रजिस्ट्रेशन तो कभी सुरक्षा राशि
गिरोह कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगता था। कभी रजिस्ट्रेशन फीस, कभी प्रोफाइल फीस तो कभी परिवार की सहमति या सुरक्षा जमा के नाम पर रकम मांगी जाती थी।
शुरुआत में रकम कम रखी जाती थी, लेकिन जैसे-जैसे पीड़ित का भरोसा बढ़ता जाता, पैसों की मांग भी बढ़ती जाती थी। कई लोग शादी का रिश्ता हाथ से निकल जाने के डर से बार-बार भुगतान करते रहते थे।
AI और एडिटेड तस्वीरों से तैयार होती थीं प्रोफाइल
इस ठगी का सबसे चौंकाने वाला पहलू कथित तौर पर फर्जी महिला प्रोफाइल तैयार करने का तरीका था। जांच में सामने आया कि आकर्षक तस्वीरों और AI तकनीक का इस्तेमाल करके ऐसी प्रोफाइल बनाई जाती थीं, जिससे पीड़ित को शक न हो।
फर्जी नामों और तस्वीरों के साथ प्रोफाइल तैयार करने के बाद कॉल सेंटर में मौजूद कर्मचारी फोन पर बातचीत करते थे। इस तरह पीड़ित को लगता था कि वह वास्तव में शादी के लिए किसी युवती से बात कर रहा है।
रिश्ता टूटने का डर बनता था सबसे बड़ा हथियार
ठगों की रणनीति सिर्फ पैसे मांगने तक सीमित नहीं थी। कथित तौर पर पीड़ितों पर भावनात्मक दबाव भी बनाया जाता था। उन्हें बताया जाता कि रिश्ता लगभग तय हो चुका है और अगर उन्होंने मांगी गई रकम समय पर नहीं दी तो शादी की प्रक्रिया रुक सकती है।
कई लोग शादी की उम्मीद में लगातार पैसे भेजते रहते थे। बाद में जब उन्हें ठगी का एहसास होता, तब तक काफी रकम उनके हाथ से निकल चुकी होती थी।
शिकायत करने पर भी बनाया जाता था दबाव
मामला सामने आने के बाद जांच में यह भी पता चला कि कुछ मामलों में पीड़ितों को शिकायत न करने या मामला खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की जाती थी। इसका मकसद कथित तौर पर गिरोह के बाकी सदस्यों और पूरे नेटवर्क को जांच से बचाना था।
कानपुर साइबर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए इस कथित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म, कॉल सेंटर और ऑनलाइन प्रोफाइल से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
ऑनलाइन रिश्ते में इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन किसी से दोस्ती या शादी के लिए बातचीत करते समय जल्दबाजी में भरोसा करना भारी पड़ सकता है। अगर सामने वाला व्यक्ति बिना मिले ही पैसे मांगने लगे, रजिस्ट्रेशन या किसी अन्य फीस के नाम पर भुगतान का दबाव बनाए या लगातार भावनात्मक दबाव डालकर रकम ट्रांसफर करवाए, तो सावधान हो जाएं।
किसी भी ऑनलाइन रिश्ते में पैसे भेजने से पहले सामने वाले की पहचान और उसके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है। खासकर AI से बनी या एडिट की गई तस्वीरों के दौर में सिर्फ फोटो देखकर किसी प्रोफाइल को असली मानना सुरक्षित नहीं है।
शादी का सपना दिखाकर भरोसा जीतना और फिर उसी भरोसे का इस्तेमाल पैसे ऐंठने के लिए करना साइबर ठगी का खतरनाक तरीका बनता जा रहा है। इसलिए ऑनलाइन रिश्तों में भावनाओं के साथ-साथ सतर्कता भी जरूरी है।



